MLC Election Results: कांग्रेस का सूपड़ा साफ! बिहार से कर्नाटक तक बड़ा झटका, BJP ने जीतीं 14 सीटें

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बिहार से कर्नाटक तक MLC चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को कई सीटों पर झटका लगा है, जबकि बीजेपी ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की है। इन नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। जानिए MLC चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं, किन क्षेत्रों में समीकरण बदले और इन परिणामों का आगामी राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है।

विधान परिषद चुनाव के लिए आज बुधवार को परिणाम सामने आए हैं। इस चुनावी परिणाम में कांग्रेस को जोरदार झटका लगा है। बिहार से लेकर कर्नाटक तक पार्टी को निराशा के अलावा और कुछ नहीं मिला है। सबसे अधिक अगर कोई MLC सीट चर्चा में रही वह है कर्नाटक की MLC सीट। चुनावी परिणाम आते ही अगर किसी सीट को लेकर चर्चा हो रही है तो वह ही इस सीट के नतीजे। क्योंकि यहां कांग्रेस की अपनी सरकार है। इसके बाद भी पार्टी एक भी सीट अपने खाते में नहीं ला सकी। दूसरी तरफ, भाजपा ने इन चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए कई सीटों पर अपना कब्जा कर लिया है।

कर्नाटक में अपनी सरकार, फिर भी कांग्रेस हताहत?

बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन विधान परिषद चुनाव (MLC) के रिजल्ट पार्टी के लिए चिंताजनक हैं। यहां कांग्रेस एक भी सीट पर खाते नहीं खोल सकी। चुनावी परिणाम आने के बाद विपक्षी पार्टियों को कांग्रेस पर तंज कसने का मौका मिल गया है। सबसे खास बात यह है कि कांग्रेस काफी लंबे समय से चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग करती रही है। इस बार विधान परिषद चुनाव बैलेट पेपर से ही हुए, लेकिन रिजल्ट पार्टी के खेमे में नहीं आए।

बिहार में भी कांग्रेस को निराशा!

मालूम हो कि बिहार में कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे थे, लेकिन पार्टी इनमें से एक भी सीट नहीं जीत सकी। 4 राज्यों की विधान परिषद की 28 सीटों में कांग्रेस ने कुल 12 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इन सभी सीटों पर पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। यूपी में कांग्रेस ने 11 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ा था। वहीं, महाराष्ट्र में पार्टी ने 3 सीटों पर कैंडिडेट उतारे थे। काउंटिंग में कांग्रेस इन सीटों पर पीछे चल रही थी।

बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर

इन चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस के मुकाबले काफी बेहतरीन रहा। कांग्रेस ने 22 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और 14 सीटें जीतकर ये सीट अपने नाम की। इसी वजह से कांग्रेस के लिए यह नतीजे कई सवाल खड़े करते हैं। खासकर कर्नाटक में सरकार होने के बावजूद एक भी सीट नहीं जीत पाना पार्टी के लिए बड़ा चैलेंज है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।