Cyclone Arnab Odisha Flood: ओडिशा में चक्रवात अर्नब का कहर! 300 गांव पानी से घिरे, जानें लोगों को निकालने के लिए अब क्या करेगी सरकार?

Summary :

Cyclone Arnab Odisha Flood: ओडिशा में चक्रवात अर्नब के कारण भारी बारिश से गंजाम जिले के करीब 300 गांव बाढ़ से घिर गए हैं। रुषिकुल्या नदी का जलस्तर बढ़ने से सोरड़ा और अस्का में हालात बिगड़ रहे हैं। राज्य सरकार फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी कर रही है।

Cyclone Arnab Odisha Flood: ओडिशा में चक्रवात अर्नब के असर से लगातार हो रही बारिश ने गंजाम जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। जिले के करीब 300 गांव पानी से घिर गए हैं। कई इलाकों में पानी भरने की वजह से  लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से बातचीत की जा रही है। हालांकि, खराब मौसम के कारण हवाई बचाव अभियान में परेशानी आने की आशंका है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,   राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को बाढ़ की स्थिति और बचाव कार्यों को लेकर जानकारी दी। प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जाए।

गंजाम में तीन दिनों से लगातार बारिश,  बाढ़ का खतरा

  • गंजाम जिले में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है। लगातार बारिश की वजह से रुषिकुल्या नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
  • नदी का पानी आसपास के गांवों और कस्बों में पहुंचने से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। इसका असर लोगों की डेली  की जिंदगी पर भी पड़ा है।
  • करीब 300 गांवों के पानी से घिर जाने की  राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
  • कई जगहों पर सड़क के रास्ते पहुंचना आसान नहीं रह गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की है।
  • स्थिति को संभालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और ओडिशा की बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ जरूरी मदद पहुंचाने में जुटी हैं।

हेलिकॉप्टर से लोगों को निकालने की तैयारी

बाढ़ से घिरे गांवों तक पहुंचने में आ रही परेशानी को देखते हुए ओडिशा सरकार हवाई बचाव अभियान शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके तहत जरूरत पड़ने पर हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा सकता है।

इस संबंध में राज्य सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय से बातचीत कर रही है। हालांकि, हेलिकॉप्टर से लोगों को निकालने का काम मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा। मुख्य सचिव अनु गर्ग के मुताबिक, लगातार बारिश और आसमान में नीचे तक छाए बादलों के कारण हेलिकॉप्टर उड़ाने में दिक्कत आ सकती है।ऐसे मौसम में हवाई अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए प्रशासन को मौसम की स्थिति का आकलन करते हुए बचाव कार्यों की योजना बनानी होगी।

सोरड़ा इलाके में बाढ़ का ज्यादा असर

  • गंजाम जिले के सोरड़ा इलाके में बाढ़ का असर अधिक देखने को मिला है। रुषिकुल्या नदी का पानी बढ़ने से आसपास के गांवों और कस्बों में पानी भर गया है।
  • लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
  • पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई गांवों तक पहुंचने में बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
  • प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है।
  • गंजाम जिले के अस्का इलाके में भी रुषिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
  • अधिकारियों के अनुसार, नदी में पानी बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
  • अगर बारिश इसी तरह जारी रहती है, तो हालात  और गंभीर हो सकते  है। इसी वजह से प्रशासन नदी के जलस्तर और मौसम पर लगातार नजर रख रहा है। लोगों को सुरक्षित रखने के लिए बचाव दल भी एक्टिव  हैं।

 राहत कार्यों में जुटी NDRF और राज्य की बचाव टीमें

  • ओडिशा में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
  • NDRF और राज्य की बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं। लेकिन खराब मौसम और पानी से घिरे गांवों की वजह से  राहत कार्यों में तेजी लाना आसान नहीं है।
  • राज्य सरकार हेलिकॉप्टर की मदद लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में है। हालांकि, हवाई अभियान कब शुरू होगा, यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
  • फिलहाल प्रशासन का ध्यान बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित इलाकों तक जरूरी सहायता पहुंचाने पर है।

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।