Pithoragarh Bridge Collapse Rescue: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण सीमांत इलाकों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दरअसल धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख मोटर मार्ग पर कूलागाड़ के पास बेली ब्रिज भारी बोल्डर की चपेट में आकर टूट गया। पुल टूटने से गाड़ियों की आवाजाही रुक गई और लोगों को नाला पार करने के लिए कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा ।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बेली ब्रिज के टूट जाने के बाद कूलागाड़ में फंसे ग्रामीणों, यात्रियों, मरीजों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। आवाजाही के लिए फिलहाल सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण कई लोगों को पोकलैंड मशीन की बकेट में बैठाकर उफनते नाले के पार ले जाया जा रहा है। वहीं, कुछ स्थानों पर यात्रियों को सीढ़ी के सहारे नाला पार कराया जा रहा है। सामान को दूसरी तरफ पहुंचाने के लिए मजदूरों की मदद ली जा रही है। इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कैलास मानसरोवर यात्रियों को भी हुई परेशानी
कूलागाड़ के पास पुल टूटने का असर कैलास मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा। गुंजी में फंसा नौवां यात्रा दल धारचूला पपहुंचा इस दौरान यात्रियों को कूलागाड़ में सीढ़ी के जरिए नाला पार कराया गया। यात्रा अधिकारियों केअनुसार, दूसरे रास्ते का आधे से ज्यादा काम पूरा होने की वजह से दल को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। यात्रियों के सामान को दूसरी ओर पहुंचाने के लिए मजदूर लगाए गए। इसके बाद यात्रा दल चौकोड़ी के लिए रवाना हो गया।
पुल टूटने के बाद BRO और संबंधित कार्यदायी संस्थाएं रास्ता बहाल करने में जुटी हैं। कूलागाड़ में ह्यूम पाइप डालकर अन्य रास्ता तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों की कोशिश है कि छोटी गाड़ियों के लिए जल्द से जल्द रास्ता तैयार कर दिया जाए। स्थानीय जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम तक अन्य दूसरा मार्ग तैयार होने की उम्मीद है। इस रास्ते से छोटी गाड़ियों की आवाजाही शुरू की जा सकती है। गुरुवार को करीब 300 से 400 लोगों ने कूलागाड़ क्षेत्र से आवाजाही की।
जिले की 16 सड़कें अब भी बंद
बारिश का दौर कुछ कमजोर पड़ने से पिथौरागढ़ में मौसम में सुधार हुआ है। काली और गोरी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर भी पहले के मुकाबले में नीचे आया है। लेकिन , लगातार हो रहे भूस्खलन ने सड़क यातायात की परेशानी बरकरार रखी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार जिले में दो बॉर्डर मार्ग और 14 ग्रामीण सड़कों समेत कुल 16 सड़कें अभी बंद हैं।
इनमें तवाघाट-गुंजी, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, एलागाड़-जुम्मा, धापाबैंड-पांगती, बासबगड़-कोटा, नाचनी-भैसकोट और गिनीबैंड-समकोट जैसे मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों पर जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार चल रहा है।
शाम तक पुल से आवाजाही शुरू करने का लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार, कूलागाड़ में टूटे बेली ब्रिज की मरम्मत के साथ अन्य दूसरा रास्ता भी तैयार किया जा रहा है। कोशिश है कि मुख्य मार्ग को जल्द बहाल किया जाए और जरूरत पड़ने पर अन्य दूसरे मार्ग से भी लोगों की आवाजाही जारी रखी जा सके।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने पुल से आवाजाही शुरू कराने के लिए काम तेज कर दिया है। लक्ष्य है कि गुरुवार शाम तक पुल के जरिए ट्रैफिक बहाल किया जा सके।
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