चैत्र अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति के लिए करें ये 5 विशेष उपाय

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Chaitra Amavasya 2026 Upay: हिंदू धर्म में अमावस्या का दिन बहुत खास माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने, दान करने और अपने पूर्वजों की पूजा करने का बहुत महत्व है। ऐसा करने से व्यक्ति को बहुत पुण्य मिलता है। हर महीने की अमावस्या महत्वपूर्ण होती है, लेकिन चैत्र महीने की अमावस्या को ‘भूतड़ी अमावस्या’ कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में नहाना, दान करना और अपने पूर्वजों (पितरों) को जल देना बहुत जरूरी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए कार्यों से पूर्वज खुश होते हैं और परिवार को सुख-शांति व तरक्की का…

Chaitra Amavasya 2026 Upay: हिंदू धर्म में अमावस्या का दिन बहुत खास माना जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने, दान करने और अपने पूर्वजों की पूजा करने का बहुत महत्व है। ऐसा करने से व्यक्ति को बहुत पुण्य मिलता है। हर महीने की अमावस्या महत्वपूर्ण होती है, लेकिन चैत्र महीने की अमावस्या को ‘भूतड़ी अमावस्या’ कहा जाता है।

इस दिन पवित्र नदियों में नहाना, दान करना और अपने पूर्वजों (पितरों) को जल देना बहुत जरूरी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए कार्यों से पूर्वज खुश होते हैं और परिवार को सुख-शांति व तरक्की का आशीर्वाद देते हैं। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए नीचे कुछ आसान उपाय बताए गए हैं।

Chaitra Amavasya 2026 Upay: पितृ दोष दूर करने के सरल उपाय

Chaitra Amavasya 2026 Upay
Chaitra Amavasya 2026 Upay (Source: Social Media)

1. अन्न और जल का दान करें

किसी जरूरतमंद इंसान या ब्राह्मण को फल, अनाज, गुड़ और पानी से भरा बर्तन दान करें। चैत्र के महीने में गर्मी शुरू हो जाती है, इसलिए इस समय पानी पिलाना या दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।

2. शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं

पितृ दोष की शांति के लिए इस दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। अभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करना बहुत लाभकारी होता है।

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Chaitra Amavasya 2026

Chaitra Amavasya 2026
Chaitra Amavasya 2026 (Source: Social Media)

3. पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाएं

अमावस्या के दिन दोपहर में पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और उसकी सात बार परिक्रमा करें। शाम के समय उसी पेड़ के नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं। माना जाता है कि पीपल में भगवान विष्णु और पितरों का वास होता है।

4. दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं

शाम को अपने घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीया जलाएं, क्योंकि यह दिशा पितरों की मानी जाती है। अगर हो सके, तो घर की चौखट पर बाहर की तरफ मुंह करके दीया रखें ताकि पितरों का मार्ग रोशन हो सके।

5. कपूर जलाकर धुआं करें

सूरज ढलने के समय घर में कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और वातावरण सकारात्मक बनता है।
Disclaimer: यहां बताई गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।