अखंड ब्रह्मचारी हैं बजरंगबली! महिलाएं भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

Summary :

Hanuman Jayanti Puja Niyam for Women: समाज में यह भ्रांति फैली रहती है कि महिलाओं को हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए। हालांकि, यह केवल एक सामाजिक धारणा है, जिसका कोई शास्त्रीय   आधार नहीं है। सनातन धर्म के किसी भी प्रमुख शास्त्र या पुराण में महिलाओं को हनुमान जी की भक्ति करने से नहीं रोका गया है। भक्ति का अधिकार सभी को समान रूप से प्राप्त है। हां लेकिन, यह सच है कि धर्म शास्त्रों में महिलाओं के लिए हनुमान जी की पूजा के संदर्भ में कुछ विशिष्ट मर्यादाओं और नियमों का उल्लेख किया गया है, ताकि पूजा की…

Hanuman Jayanti Puja Niyam for Women: समाज में यह भ्रांति फैली रहती है कि महिलाओं को हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए। हालांकि, यह केवल एक सामाजिक धारणा है, जिसका कोई शास्त्रीय   आधार नहीं है। सनातन धर्म के किसी भी प्रमुख शास्त्र या पुराण में महिलाओं को हनुमान जी की भक्ति करने से नहीं रोका गया है। भक्ति का अधिकार सभी को समान रूप से प्राप्त है। हां लेकिन, यह सच है कि धर्म शास्त्रों में महिलाओं के लिए हनुमान जी की पूजा के संदर्भ में कुछ विशिष्ट मर्यादाओं और नियमों का उल्लेख किया गया है, ताकि पूजा की सात्विकता और मर्यादा बनी रहे।

धार्मिक दृष्टिकोण से हनुमान जी की पूजा करते समय महिलाओं को शास्त्रों द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य माना गया है। अगर पूजा के दौरान जाने-अनजाने में कुछ विशेष गलतियां हो जाएं, तो ऐसा माना जाता है कि भक्त को उसकी साधना का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और पूजा अधूरी रह जाती है। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं हनुमान जी की आराधना करने से पहले नियमों को जान लें, तभी उनकी पूजा को होगी।

Hanuman Jayanti Puja Niyam for Women: महिलाएं हनुमान जी की पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Hanuman Jayanti Puja Niyam for Women
Hanuman Jayanti Puja Niyam for Women (Source: Social Media)

1. सिंदूर लगाने के नियम

हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है, लेकिन महिलाओं को अपने हाथों से सीधे बजरंगबली की मूर्ति पर सिंदूर नहीं लगाना चाहिए। अगर कोई महिला सिंदूर चढ़ाना चाहती है, तो उसे मंदिर के पुजारी या पंडित जी के माध्यम से ही सिंदूर अर्पित करवाना चाहिए। स्वयं सीधे तिलक लगाना वर्जित माना गया है।

2. मूर्ति स्पर्श पर मनाही

चूंकि हनुमान जी को अखंड ब्रह्मचारी माना जाता है और उन्होंने ब्रह्मचर्य के कठोर नियमों का पालन किया है, इसलिए महिलाओं के लिए उनकी प्रतिमा को स्पर्श करना वर्जित बताया गया है। महिलाओं को चाहिए कि वे मूर्ति से उचित दूरी बनाए रखें और दूर से ही हाथ जोड़कर प्रणाम करें या पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें।

3. चोला चढ़ाने का निषेध

Hanuman Jayanti
Hanuman Jayanti 2026 (Source: Social Media)

हनुमान जी को चोला चढ़ाना (सिंदूर और चमेली के तेल का लेप) एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं को भगवान को चोला नहीं चढ़ाना चाहिए। यह कार्य केवल पुरुषों के लिए ही निर्दिष्ट है। महिलाएं अन्य पूजन सामग्री जैसे फल, मिठाई या धूप-दीप अर्पित कर सकती हैं।

4. मासिक धर्म के दौरान न करें पूजा

धार्मिक मान्यताओं और पवित्रता के नियमों के अनुसार, मासिक धर्म के समय महिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति के निकट जाने या अनुष्ठान करने की मनाही होती है। हालांकि, भक्ति भाव कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इस अवस्था में महिलाएं केवल मानसिक रूप से प्रभु का स्मरण कर सकती हैं और मन ही मन उनके मंत्रों का जाप कर सकती हैं।

5. तामसिक भोजन का त्याग

हनुमान जी की साधना अत्यंत सात्विक मानी जाती है। इसलिए, जो महिलाएं या पुरुष हनुमान जी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, उन्हें मंगलवार और शनिवार के दिन सात्विक जीवन व्यतीत करना चाहिए। इन दिनों तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा और यहां तक कि लहसुन-प्याज का सेवन भी वर्जित है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।