Hariyali Amavasya Daan 2025: हरियाली अमावस्या पर करें इन चीजों का दान, पापों से मिलेगी मुक्ति!

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Hariyali Amavasya Daan 2025: हर माह में अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को अर्पित हैं। इस दिन पूजा जप-दान-पुण्य करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है। इस विशेष दिन पर दान करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होती और पाप से मुक्ति मिलती है। दान-पुण्य करने से आपको जीवन में ख़ुशीहाली मिलती है। अगर आप भी जीवन में खुश रहना चाहते हैं तो हरियाली अमावस्या पर पूजा और दान जरूर करें। तो चलिए जानते है इस दिन किस चीज का दान करना अत्यंत फलदायी साबित होता है। अमावस्या पर भोलेनाथ की कृपा अधिक हरियाली…

Hariyali Amavasya Daan 2025: हर माह में अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को अर्पित हैं। इस दिन पूजा जप-दान-पुण्य करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है। इस विशेष दिन पर दान करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होती और पाप से मुक्ति मिलती है। दान-पुण्य करने से आपको जीवन में ख़ुशीहाली मिलती है। अगर आप भी जीवन में खुश रहना चाहते हैं तो हरियाली अमावस्या पर पूजा और दान जरूर करें। तो चलिए जानते है इस दिन किस चीज का दान करना अत्यंत फलदायी साबित होता है।

अमावस्या पर भोलेनाथ की कृपा अधिक

हरियाली अमावस्या पर भक्त गंगा नदी या कोई अन्य पवित्र नदी पर शिव नाम का जप और तप करते हैं। वहीं अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है। पूजा करने के बाद भक्त अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को दान देते हैं। (Hariyali Amavasya Daan 2025) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि पर भोलेनाथ की कृपा अधिक बरसती है। इसके साथ ही आपके कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव समाप्त होता है। साथ ही पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं तो हरियाली अमावस्या के दिन पूजा और तर्पण के बाद इन चीजों का दान करें।

Hariyali Amavasya 2025 ki puja vidhi (पूजा विधि)

Hariyali Amavasya 2025 ki puja vidhi (पूजा विधि)
Hariyali Amavasya 2025 ki puja vidhi (पूजा विधि)

-गुरुवार, 24 जुलाई को प्रातः काल उठकर स्नान आदि करने के बाद हाथ में जल, चावल और पुष्प लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।

– ऊपर बताए गए किसी भी शुभ मुहूर्त में पूजा आरंभ करें। घर में किसी स्वच्छ स्थान पर तख्ते पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

– सबसे पहले महादेव के चित्र पर चंदन से तिलक करें, फिर फूलों की माला पहनाएँ और शुद्ध घी का दीपक भी जलाएं ।

– इसके बाद अबीर-गुलाल, जनेऊ, सफेद वस्त्र, रोली, चावल, बिल्व पत्र, अंकड़े के फूल, धतूरा आदि एक-एक करके अर्पित करें।

– पूजा करते समय मन ही मन ॐ नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप करते रहें। अंत में अपनी इच्छानुसार भोग लगाएँ और आरती करें।

– हरियाली अमावस्या पर इस प्रकार पूजा करने से भगवान शिव की कृपा आप पर बनी रहती है और पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है।

Hariyali Amavasya par kya kare aur kya na kare

हरियाली अमावस्या पर न करें इन चीजों का सेवन

हरियाली अमावस्या पर न करें इन चीजों का सेवन
हरियाली अमावस्या पर न करें इन चीजों का सेवन

हरियाली अमावस्या पर खानपान से जुड़े चीजों का ज़रूर ख्याल रखें । (Hariyali Amavasya Daan 2025) इस दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही, इस दिन लहसुन-प्याज का सेवन कम करें और सात्विक भोजन करें। ऐसा करने से आपको शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। और आप पर भोलेनाथ की कृपा हो सकती है।

इस दिन बाल-नाख़ून आदि न काटे या फिर बाल धोने से बचे। ऐसा करने से आपको बचना चाहिए। अगर आप ऐसा करते है तो आप परेशानी के पड़ सकते हैं। इस दिन कोई शुभ कार्य भी न करें जैसे मुंडन, गृहप्रवेश आदि।

इस दिन किसी से लड़ाई झगड़ा न करें। बड़े बुजुर्गों व महिलाओं का अपमान न करें। वरना आपको नकारात्मक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

हरियाली अमावस्या पर यह काम जरूर करें

इस दिन आप झाड़ू जरूर खरीदें। इससे माता लक्ष्मी खुश हो जाती है। (Hariyali Amavasya Daan 2025) और आपको कभी धन की कमी नहीं होगी।

अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान अवश्य करें। पितरों की शांति के लिए पितृ गायत्री पाठ, तर्पण विधि, गरुड़ पुराण, पितृ सूक्त पाठ और पितृ देव चालीसा का पाठ करें। इसके बाद विधि-विधान से आरती करें और किसी गरीब या ज़रूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएँ।

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Disclaimer: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। यह लेख पूरी तरह से मान्यताओं पर आधारित है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।