मंदिर में रखी ये चीजें छीन सकती हैं घर की सुख-शांति! जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

Vastu Tips for Puja Ghar
Vastu Tips for Puja Ghar: घर का मंदिर सबसे पवित्र जगह मानी जाती है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, घर में सुख-शांति बनाए रखने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए हम रोज पूजा करते हैं। लेकिन कई बार अनजाने में की गई गलतियों की वजह से हमें पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं कि मंदिर में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Vastu Tips for Puja Ghar: मूर्तियों की संख्या कितनी होनी चाहिए?

Vastu Tips for Puja Ghar
Vastu Tips for Puja Ghar (Source: Social Media)

पूजा घर में एक ही देवी-देवता की दो मूर्तियां या तस्वीरें न रखें। शास्त्रों में इसे शुभ नहीं माना गया है। खासकर गणेश जी की मूर्तियों का ध्यान रखें, पूरे घर में उनकी कुल संख्या 3 नहीं होनी चाहिए, वरना बनते कामों में रुकावटें आ सकती हैं और परिवार पर बुरा असर पड़ सकता है।

भगवान की मूर्तियों का साइज कैसा हो?

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर के मंदिर में बहुत बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। मंदिर के लिए 3 से 6 इंच की मूर्तियां सबसे अच्छी और शुभ मानी जाती हैं। बड़ी मूर्तियां असल में बड़े मंदिरों के लिए होती हैं, जहां विद्वान पंडित पूरे नियमों के साथ उनकी पूजा और सेवा करते हैं। घर में बहुत बड़ी मूर्ति रखने से जीवन पर उल्टा असर पड़ सकता है।

Vastu Tips for Puja Ghar: भगवान का भोग ज्यादा देर न रखें

कई लोग भगवान को भोग लगाने के बाद उसे पूरी रात मंदिर में ही छोड़ देते हैं, जो कि गलत है। भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद चढ़ाते ही स्वीकार हो जाता है। वास्तु के अनुसार, भोग लगाने के थोड़ी देर बाद ही उसे वहां से हटा लेना चाहिए और परिवार के सभी सदस्यों में बांट देना चाहिए।

शंख की संख्या का रखें ध्यान

अगर आपके मंदिर में एक से ज्यादा शंख हैं, तो उन्हें हटा दें और केवल एक ही शंख रखें। वास्तु के अनुसार, ज्यादा शंख रखने से घर के लोगों पर नकारात्मक प्रभाव
पड़ता है। पूजा का सही फल पाने के लिए एक ही शंख रखना काफी है।

मंदिर में टूटे-फूटे बर्तनों का इस्तेमाल न करें

पूजा में इस्तेमाल होने वाले बर्तन कहीं से भी टूटे या चटके हुए नहीं होने चाहिए। ऐसे बर्तनों का इस्तेमाल करने से ग्रह दोष लगता है और घर में क्लेश या लड़ाई-झगड़े बढ़ सकते हैं। अगर आपके मंदिर में ऐसे बर्तन हैं, तो उन्हें तुरंत बदलें।

यह भी पढ़ें-बार-बार क्यों रुक रही है आपकी शादी? इन उपायों से दूर करें कुंडली के दोष, जल्द बजेगी शहनाई

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।