उत्तरकाशी : उत्तराखंड के कई पर्वतीय इलाकों में मंगलवार को अचानक मौसम बदल गया। दोपहर तक धूप के बाद अचानक बादल घिर आए और झमाझम बारिश शुरू हो गयी। यही नहीं उत्तरकाशी, त्यूणी समेत कई इलाकों में जमकर ओले भी गिरे। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम के करवट बदलने से पर्वतीय इलाकों में ठंड लौट आयी है। उत्तरकाशी में अचानक से मौसम बदल गया। तेज बारिश के साथ कुछ देर ओलावृष्टि हुई। मंगलवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ कुछ देर तक ओलावृष्टि भी हुई। ओलावृष्टि से सेब फ्लाविंग और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश देर शाम तक जारी रही। बारिश से मौसम ठंडा हो गया है।
वहीं मंगलवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदलने से जनजाति क्षेत्र जौनसार-बावर के कई ग्रामीण इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। त्यूणी क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से किसानों की नगदी फसलों को नुकसान पहुंचा है। त्यूणी क्षेत्र के मेंद्रथ, कृणा, बागी, चौसाल, बास्तिल, बृनाड़, ओबरासेर, कथियान, डिरनाड़, पुरटाड़, शठंगधार, दारमीगाड़, निनूस, नूनाईधात, बिमफल आदि गांवों में खूब ओले गिरे।
ओलावृष्टि इतनी ज्यादा हुई कि खेतों से लेकर सड़कें व जमीन सफेद चादर से लिपट गये। ओलावृष्टि ने सबसे अधिक नुकसान सेब की फसल को पहुंचाया। इन दिनों सेब की फसल में फ्लोरिंग होने के कारण ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ने का काम किया। टमाटर की पौध को भी नुकसान पहुंचा है। चकराता में करीब दो बजे अचानक मौसम बदल गया। आसमान में छाये काले बादलों के बीच रिमझिम बारिश शुरू हो गई।
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