खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा 4 अगस्त तक की गयी रद्द

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हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है अमरनाथ। 1 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में महज 30 दिनों के अंदर 3.30 लाख श्रद्घालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं।

हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है अमरनाथ। 1 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में महज 30 दिनों के अंदर 3.30 लाख श्रद्घालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं। लेकिन अब जम्मू-कश्मीर के खराब मौसम को देखते हुए 4 अगस्त तक के लिए अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया है। 
मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश होने की संभावना है। जिस वजह से प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को रोक लगाने का निर्णय लिया है। भारी वर्षा होने की वजह से बालटाल और पहलगाम दोनों ही यात्रा मार्गों पर फिसलन काफी ज्यादा हो गई है जिस वजह  से ये फैसला लेना बहुत जरूरी था।   

अमरनाथ में बर्फ के प्राकृतिक शिवलिंग

अमरनाथ की ये यात्रा आषाढ़ महीने की पूर्णिमा से शुरू होती है जो पूरे सवान महीने चलती है और रक्षाबंधन के दिन समाप्त हो जाती है। बता दें कि अमरनाथ में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग बनता है। 
गुफा के ऊपर से बर्फ के पानी की बूूंदे टपकती है जिससे करीब 10 फुट के बर्फ के पवित्र शिवलिंग का निर्माण होता है। इसी अद्भुत शिवलिंग के दर्शन करने के लिए यहां पर हर साल लाखों श्रद्घालु आते हैं। साल 2019 में 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है। 

बाबा बर्फानी 600 फुट की ऊंचाई पर आते हैं नजर 

श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में 135 किलोमीटर दूर और समुद्र तल से करीब 13 हजार 600 फुट की ऊंचाई पर बाबा बर्फानी के दर्शन होते हैं। वैसे देखा जाए तो अमरनाथ यात्रा का सफर काफी मुश्किल भरा है।
लेकिन भक्तों का बाबा बर्फानी के प्रति विश्वास उनके इस रास्ते को आसानी से पार करा देती है। यहां पर बनने वाला शिवलिंग बाहर ज्योतिर्लिंग में से एक माना जाता है। 

Desk Team