गणेश चतुर्थी के त्यौहार में अब सिर्फ 2 दिन और बाकी रह गए हैं ऐसे में देशभर में इस त्यौहार की तैयारी बड़ी धूमधाम से चल रही है। मुख्य तौर पर गणेश चतुर्थी का पर्व महाराष्ट्र,गुजरात और मध्यप्रदेश में मनाया जाता है,लेकिन अब तो गणेश चतुर्थी देशभर के कई सारे लोग मनाते हैं।

इस खास मौके पर घर-घर में हर कोई गणपति की स्थापना करते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि बाजार से आपको गणेश जी मूर्ति खरीदते समय किन-किन बातों का खास ध्यान करना चाहिए।

1.ऐसी अवस्था में सबसे शुभ
आमतौर पर सभी लोगों को गणपति बप्पा की खड़े,नृत्य करते हुए,आराम करते हुए जैसी कई अवस्थाओं की मूर्तियां मिल जाती हैं। लेकिन आपको बता दें कि घर के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं बैठे हुए गणेश जी। ऐसी मूर्ति की पूजा करने से घर में स्थायी धन लाभ होता है इसके साथ ही बरकत बनी रहती है। वहीं अगर आप ऑफिस में गणेश जी की स्थापना कर रहे हैं तो ऐसे में खड़े हुए गणेशजी की मूर्ति को सबसे अच्छा माना जाता है यह सफलता और तरक्की की सूचक मानी जाती है।

2.ऐसी सूंढ होनी चाहिए
मूर्ति लेते समय एक बात गौर करने वाली यह है कि गणेश जी की मूर्ति में सूंड बाईं ओर मुड़ी होनी चाहिए। ऐसी मूर्ति को वक्रतुंड माना जाता है।

3.मोदक और मूषक
गणेश जी का वाहन चूहा है और मोदक उनको सबसे ज्यादा प्रिय है। इसलिए गणेशजी की प्रतिमा ऐसी बनी होनी चाहिए,जिसमें ये दोनों ही चीजें जरूर होनी चाहिए।

4.गणेशजी की मूर्ति बनी हो ऐसी
घर पर मिट्टी से गणेशजी की मूर्ति बनाकर उसको स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन अगर आप घर पर मूर्ति तैयार नहीं कर सकते तो बाजार से ऐसी मूर्ति खरीदें जिसमें केमिकल का प्रयोग नहीं किया गया हो। वैसे धातु की बनी गणेशजी की मूर्तियां भी शुभ मानी जाती हैं।

5.ऐसा होना चाहिए मूर्ति का रंग
बप्पा की मूर्ति खरीदते समय उसका रंग भी मायने रखता है। सफेद रंग की या फिर सिंदुरी रंग की मूर्ति सबसे शुभ मानी जाती है। इससे घर में सुख-शांति तो बनी ही रहती है साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है।


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