आज हम आपको बताते है मंदिर में भगवान के दर्शन करते समय कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।

लोग मन की शांति और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए अक्सर मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। लेकिन जाने-अनजाने में कई बार छोटी- छोटी गलतियां कर देते हैं जिससे पूजा और दर्शन का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। आइए जानते हैं कि कौन से ऐसे काम हैं जिन्हे करने से भगवान नाराज हो जाते हैं
मंदिर में भगवान के दर्शन करने के बाद परिक्रमा की जाती है लेकिन अज्ञानता की वजह से लोग उल्टी परिक्रमा कर लेते हैं। परिक्रमा हमेशा बाएं से दाएं करना चाहिए। भगवान शिव की आधी परिक्रमा करनी चाहिए।
मंदिर मे प्रवेश करते समय अपने साथ कोई भी ऐसी चीज ना ले जाएं जिसे शास्त्रों में वर्जित माना गया हो जैसे चमड़े की बेल्ट और चमड़े का बैग आदि।
मंदिर से आते समय घंटी नही बजाए।इसके साथ मंदिर के पट यानि दरवाजे बंद होने पर भी घंटी नहीं बजाए।
मंदिर में कभी खाली हाथ ना जाए, इसके साथ भगवान शिव को हल्दी और सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए। केतकी का फूल भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए।
दीपक, धूपबत्ती,हवन की अग्नि को कभी भी फूंक मारकर बुझाना नहीं चाहिए।
मंदिर मे जब भी भगवान के दर्शन करें तो इस बात का ध्यान रखें कि मूर्ति के सामने बिल्कुल ना खड़े हों। हमेशा तिरछी अवस्था में खड़े रहने का प्रयास करना चाहिए।
जब भी मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाएं तो हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि मंदिर में जोर जोर से हंसना, चिल्लाना या किसी तरह का मनोरंजन करना ठीक नहीं होता है।
मंदिर में कब नहीं जाना चाहिए?
दोपहर 12 से अपराह्न 4 बजे तक मंदिर में जाना, पूजा, आरती और प्रार्थना आदि करना निषेध माना गया है अर्थात प्रात:काल से 11 बजे के पूर्व मंदिर होकर आ जाएं या फिर अपराह्नकाल में 4 बजे के बाद मंदिर जाएं।


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