वास्तु और ज्योतिष में स्वास्तिक को काफी ज्यादा जरूरी माना गया है साथ ही इसके कई सारे लाभ भी बताएं गए हैं। इतना ही नहीं वास्तुशास्त्र में तो स्वास्तिक के अलग-अलग रंग के कई सारे महत्व भी बताएं गए हैं। वैसे तो ज्यादातर बार स्वास्तिक लाल रंग से बनाया जाता है,मगर वास्तुशास्त्र में स्वास्तिक के कई सारे ऐसे रंग भी बताए गए हैं जो आपकी जिंदगी से जुड़ी कई अलग-अलग परेशानियों को दूर करते हैं। तो आइए आज हम आपको बताते हैं स्वास्तिक बनाने का सही तरीका और अलग-अलग रंग के स्वास्तिक के महत्व के बारे में…

1.इस तरह करें स्वास्तिक का निर्माण
स्वास्तिक निर्माण के लिए धन यानी (+) का चिन्ह् बनाकर उसकी चारो भुजाओं के कोने से समकोण बनाने वाली एक रेखा दाहिनी ओर खींचने से स्वास्तिक बन जाता है। लेकिन ध्यान रखें लाइन खींचने का कार्य ऊपरी भुजा से शुरू करें और स्वास्तिक बनाने के बाद चारों कोष्ठकों में एक-एक बिंदु को अंकित कर दें।

2.स्वास्तिक किस रंग और सामग्री का बनाएं
किसी भी शुभ कार्य के दौरान स्वास्तिक हल्दी से ही बनाया जाता है। ईशान या उत्तर दिशा में दीवार पर अगर पीले रंग का स्वास्तिक का निर्माण करते हैं तो यह घर में सुख शांति बनाए रखने में शुभ माना जाता है। ठीक इसी प्रकार किसी मांगलिक कार्य के लिए लाल रंग का स्वास्तिक बनाना अच्छा माना जाता है। सामग्री के तौर पर आप कुमकुम,सिंदूर,रोली आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3.काला स्वास्तिक
कोयले से बना काला स्वास्तिक बुरी नजर एंव बुरे समय को दूर करने के लिए सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। अगर आपके घर परिवार के सदस्यों या आपके काम को किसी की बुरी नजर लग गई हो तो ऐसे में आप इससे अपना बचाव करने के लिए अपने घर के मुख्य गेट पर कोयले से एक स्वास्तिक का चिन्ह बना लं। काला स्वास्तिक मुख्य द्वार पर बना लेने से आपके घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगेगी।

4.लाल स्वास्तिक
ज्यादातर बार हम अपने घर के प्रवेश पर कुमकुम या रोल का इस्तेमाल करके स्वास्तिक का चिन्ह् ही बनाते हैं। क्योंकि स्वास्तिक का चिन्ह् सबसे ज्यादा पवित्र और शुभ माना जाता है। वहीं स्वास्तिक के चिन्ह् को श्री गणेश भगवान का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता यह भी है कि स्वास्तिक के चिन्ह् को बनाने से घर पर इसका बहुत शुभ प्रभाव पड़ता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

5.रात में बुरे सपने आना
किसी भी इंसान को अगर रात में सोते वक्त बुरे सपने आते हैं तो ऐसे में सोन से पहले अपनी तर्जनी उंगली से लाल स्वास्तिक का चिन्ह् बना लें और इसके बाद ही सोने के लिए जाएं। इस चिन्ह् को उंगली में बना लेने के बाद अगर आप सोने के लिए जाते हैं तो आपको चैन की नींद तो आएगी ही साथ ही आप बुरे सपनों की चपेट में नहीं आएंगे।



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