हर रोज का हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में काफी ज्यादा महत्व होता है। ऐसे में आप हर एक दिन के मुताबिक पूजा करके संकट से छुटकारा पा सकते हैं। ठीक इसी तरह सभी लोग यह भी जानते हैं कि सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ का होता है। सोमवार का दिन पूजा के लिए महत्वपूर्ण होता है और सभी लोग भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए कई सारे उपाय भी करते हैं। तो चालिए आपको बताते हैं शिव पूजा में अर्पण की जानें वाली अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तु और सिद्घ पूजन विधि के बारे में…

भगवान शिवजी की पूजन विधि
1.भवान शिव की पूजा में गंगाजल के उपयोग को सबसे अच्छा माना जाता है। शिवजी की पूजा करते वक्त उनके पूरे परिवार अर्थात शिवलिंग,माता पार्वती,कार्तिकेयजी,गणेशजी और उनके वाहन नदी की संयुक्त रूप से पूजा की जानी चाहिए।

2.भगवान भोलेनाथ के स्नान के लिए गंगाजल का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा कई सारे लोग भांग घोंटकर भी शिवजी को चढ़ाते हैं। शिवजी की पूजा में लगने वाली सामग्री में जल,दूध,दही,चीनी,घी,शहद,पंचामृत,कलावा,कपड़े,जनेऊ,चंदन,रोल,चावल,फूल,बिल्वपत्र,दूर्वा,फल,विजिया,आक,धतूरा,पान,सुपारी,लौंग,इलायची,पंचमेवा,धूप,दीप आदि का इस्तेमाल किया जाता है।
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3.सोमवार का दिन भगवान शिव का होता है इसलिए इस दिन व्रत को शुरू किया जाता है। हर सोमवार के दिन गणेशजी,शिवजी और माता पार्वतीजी की पूजा अर्चना की जाती है। सोमवार के दिन व्रत करने से पुत्रहीन पुत्रवान और निर्धन धर्मवान होते हैं। अगर कोई भी महिला यह व्रत करती हैं तो उसके पति की शिवजी रक्षा करते हैं। वैसे भी सोमवार का व्रत साधारणतया दिन के तीसरे पहर तक होता है।

4.सोमवार के व्रत करते समय फलाहार या पारण का कोई भी खास नियम नहीं है। लेकिन जरूरी है कि दिन या रात में केवल आप एक ही समय भोजन कर सकते हैं। सोमवार का व्रत करते समय शिव-पार्वती की पूजा जरूर करनी चाहिए।

5.कई लोग ऐसा मानते हैं कि सोम में ओम है। जो भोलेनाथ का स्वरूप है। यही वजह है कि सोमवार के दिन शिवजी की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।


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