सोशल मीडिया आये दिन एक से बढ़कर एक अनोखी वीडियोस और पोस्ट से भरा रहता हैं, दुनिया में कब क्या चमत्कार हो रहा हैं कब-कहा क्या चल रहा हैं सबको सब पता चल जाता हैं। ऐसे ही मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाली 7 वर्षीय बालिका प्रेक्षा चौधरी अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ाई करने के साथ नोट भी पहचान लेती है. यही नहीं, वह नोट का नंबर भी बता देती है. आप यह सुनकर जादू समझ रहे होंगे, लेकिन यह जादू नहीं है,

यह मिड ब्रेन एक्टिवेशन है. प्रेक्षा चौधरी का कहना है कि पहले मुझे पढ़ाई करने में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन मैंने मिड ब्रेन एक्टिवेशन सीखा, तो अब मुझे पढ़ाई करने में भी आसानी हो रही है. वहीं, प्रेक्षा की मां कोमल चौधरी ने बताया कि मिड ब्रेन एक्टिवेशन से बेटी की पढ़ाई करने में भी फर्क पड़ा है. वह अभी आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ाई के साथ फोटो और नोट पहचान लेती है. उसके मस्तिष्क का विकास हुआ है.


बता दें कि बुरहानपुर शहर के श्रीनगर कॉलोनी में रहने वाले गौतम सोनवने नौकरी छोड़ अपने शहर के बच्चों का मिड ब्रेन एक्टिवेशन के माध्यम से उनके मस्तिष्क का विकास कर रहे हैं. उनके इस काम में पत्नी एकता सोनवने भी अपना योगदान दे रही हैं. गौतम पिछले 8 वर्षों में करीब 500 से अधिक बच्चों के मस्तिष्क का विकास कर चुके हैं. अब यह बच्चे आंखों पर पट्टी लगाकर पढ़ाई के साथ नोट की पहचान भी कर रहे हैं.
एमपी के साथ ही यहां के बच्चे भी ले रहे ट्रेनिंग

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के विद्यार्थी भी ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहे हैं. वहीं, ट्रेनर गौतम का कहना है कि परिजन और शिक्षक बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन इसका किसी के पास समाधान नहीं है. जापान की मिड ब्रेन एक्टिवेशन के माध्यम से इन बच्चों को ट्रेनिंग देकर इनके मस्तिष्क का विकास किया जा रहा है. अब यह बच्चे पढ़ाई में भी आगे बढ़ रहे हैं. पिछले 8 वर्ष में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के करीब 500 बच्चों के मस्तिष्क का विकास कर चुका हूं.


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