कोरोना रियल हीरो,अस्पताल से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे को अकेले ही नष्ट करने में जुटा है ये शख्स

Summary :

कोरोना वायरस का कहर अब भारत में भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 7,529 के पार जा पास जा पहुंचा।

कोरोना वायरस का कहर अब भारत में भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 7,529 के पार जा पास जा पहुंचा। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए  हेल्थ केयर सेक्टर के लोग दिन-रात मेहनत कर रहे। लेकिन इस बीच खास बात यह है कि केवल डॉक्टर्स ,नर्स और  केमिस्ट ही नहीं बल्कि इनके अलावा भी कुछ लोग ऐसे हैं जो कोरोना के खिलाफ अपनी बढ़-चढ़कर भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इन लोगों के बारे में बहुत कम लोग बात करते हैं। 


जी हां बता दें कि यह कोई और नहीं बल्कि हॉस्पिटल का हाउसकीपिंग स्टाफ है और ये लोग भी किसी कोरोना फ़ाइटर से कम नहीं हैं। खास बात यह है कि लोग अपनी जान को दाव पर लगा कर हॉस्पिटल से रोज  निकल रहे Biomedical Waste को बाहर ले जाते हैं और उसे सही ढंग  से नष्ट करने का काम कर रहे हैं। क्योंकि इस समय अस्पतलों में कोरोना के मरीज़ों का इलाज़ जारी है और लाजमी है इस तरह का कचरा रोज़ प्रोड्यूस हो रहा है। 


यदि अस्पताल के कचरे को समय पर बाहर नहीं फेका जाए तो इससे दूसरे लोग भी संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में कोरोना को मात देने वाले संजय देहुरी भी हैं जो भुवनेश्वर एम्स में हाउस कीपिंग स्टाफ़ में काम करते हैं। 

इस हॉस्पिटल के ये एक मात्र ऐसे कर्मचारी है जो ऐसे हालातों में कोरोना मरीजों के इलाज चल रहे लोगों का कचरा उठाकर उसे नष्ट करने का काम कर रहे है,जबकि ज्यादातर लोग ये काम करने से कतरा रहे थे। 
लेकिन संजय ने अपनी बहादुरी दिखाई और और इस काम का जिम्मा अपने ऊपर लिया। वह एक अकेले ऐसे  कर्मचारी है जो इस कचरे को इक्कठा करके उसे नष्ट भी करते हैं। ऐसे में एक यूज़र ने उनके हौसले को सलाम करते हुए उनकी कुछ तस्वीरें साझा की है। अब तक इस  पोस्ट को हज़ारों लोग लाइक कर चुके हैं,जबकि कई लोगों ने संजय के समर्पण और जज़्बे को सलाम कर रहे हैं।

कोरोना वायरस के चलते इस मुश्किल समय में  कोरोना फ़ाइटर्स के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। क्योंकि इनके बिना इस जंग में जीत पाना बेहद मुश्किल है।  

Desk Team