ये है Baby Farming का सच! कम उम्र में लड़कियों को जबरन बना देते हैं मां- Baby Farming

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

88 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

58 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

58 सीट

ये है Baby Farming का सच! कम उम्र में लड़कियों को जबरन बना देते हैं मां

Baby Farming: जब एक लड़की बच्चे को जन्म देती है तो उसका शरीर परिपक्व होना चाहिए। साथ ही उसकी मंजूरी भी होनी चाहिए। किसी स्त्री को बच्चा पैदा करने के लिए मजबूर करना गैरकानूनी होने के साथ-साथ अमानवीय है। लेकिन अफ्रीका के एक देश में खेलने-कूदने की उम्र में लड़कियों को जबरन प्रेग्नेंट किया जाता है और बच्चे पैदा कराए जाते हैं। नाइजीरिया में कानून की आड़ में ही अपराध हो रहा है और 14-17 साल की लड़कियों को ज़बरदस्ती सरोगेसी के धंधे में धकेला जाता है।

छोटी सी उम्र में बन जाती हैं मां

Untitled Project 2024 01 11T112554.207Baby Farming के नाम से चलने Baby Farming के नाम से चलने वाला ये घिनौना धंधा नाइजीरिया में चल रहा है। कम उम्र की लड़कियों को किडनैप करके इस धंधे में उतारा जाता है। उन्हें ज़बरदस्ती प्रेग्नेंट किया जाता है और बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर किया जाता है। इस बिजनेस को बढ़ावा मिलता है उन कपल्स से, जिनकी कोई संतान नहीं हैं। ऐसे में लड़कियों को जबरन सरोगेट मदर बनाकर उनसे बच्चे पैदा कराए जाते हैं और फिर इन्हें ऊंची कीमत पर बेच दिया जाता है। बेबी फार्मिंग का व्यापार अस्पतालों, अनाथालयों और दूसरी जगहों पर चोरी-छिपे चलाया जा रहा है।

कानून की आड़ में घिनौंना व्यापार

untitled design 2024 01 10t213700.484 2024 01 0004b9fff6d6e86db4a64135a54504fb

इस घिनौने धंधे के बारे में किसी को पता नहीं है। बेबी फार्मिंग के तमाम केस सामने आ चुके हैं और मानवाधिकार संस्थाएं इसे खत्म करने के लिए प्रयास भी करती रही हैं लेकिन ये पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। साल 2011 में गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों ने एक छापे में 32 प्रेग्नेंट महिलाओं को रिहा कराया था। ये लड़कियां छोटी उम्र में प्रेग्नेंट होने के बाद भी अबॉर्शन नहीं करा सकतीं क्योंकि नाइजीरिया का कानून इसे इज़ाजत नहीं देता। यहां अबॉर्शन कराने पर 3-7 साल की जेल हो सकती है।

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘PUNJAB KESARI’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOK, INSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four × 5 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।