पश्चिम बंगाल विधासभा के पूर्व डिप्टी-स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध हालत में मौत की खबर सामने आई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रामपुरहाट में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी ऑफिस में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा हुआ था?
पुलिस के अनुसार, रामपुरहाट में उनके घर के पास स्थित टीएमसी कार्यालय में आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर ने सुसाइड नोट में लिखा कि तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में साढ़े तीन साल तक उन्हें कोई फ़ाइल नहीं दी गई। वे न तो टेंडर कमेटी में थे और न ही उनके पास चेक पर साइन करने का अधिकार था। उन्होंने किसी भी प्लान को मंजूरी नहीं दी और न ही कोई ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) जारी किया, इसलिए कोई ग्रांट भी नहीं दी गई। इन मामलों पर उनसे कभी कोई चर्चा नहीं हुई और इन कामों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

टीएमसी नेता ने लिखा कि उन्होंने कभी कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। विश्वविद्यालय से लेकर अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी कोई अवैध कमाई नहीं की और कभी किसी से एक पैसा नहीं लिया। यहाँ तक कि उन्होंने छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी, उनसे कभी मिठाई तक स्वीकार नहीं की और वे कभी किसी घोटाले में शामिल नहीं रहे।
इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने राजनीति में आने को अपनी भूल बताया और अपनी आने वाली पीढ़ी को राजनीति में न आने की सलाह दी।
Birbhum, West Bengal: Former TMC MLA Ashish Banerjee’s dead body was found in his office at his residence in Rampurhat. His body has been sent for postmortem. Further details are awaited pic.twitter.com/XoQPTgxR3l
— IANS (@ians_india) August 16, 2026
लगातार 5 बार रहे विधायक
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक प्रतिष्ठित चेहरा रहे हैं। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार 5 बार विधायक चुने गए थे। ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में उन्होंने स्कूल शिक्षा, कृषि और आयुष विभागों के मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी भी निभाई थी।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने शिक्षा और कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया और विधानसभा की कार्यवाही में भी अपनी सक्रिय भूमिका बनाए रखी।
विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार से हारे
साल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वह रामपुरहाट सीट से भाजपा उम्मीदवार ध्रुव साहा से एक कड़े मुकाबले में हार गए थे। हार के बावजूद वह अपने क्षेत्र में सक्रिय रहे और पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में बने रहे।
जून में जिला अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा
आशीष बनर्जी ने 2 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीरभूम जिला अध्यक्ष और कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बताया था कि कोर कमेटी अब निष्क्रिय हो चुकी है और उसकी आवश्यकता नहीं है, अब वह पार्टी के एक आम कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे।
फ़िलहाल आशीष बनर्जी की मौत के पीछे का असल कारण सामने नहीं आया है। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।



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