भारत-यूएस ने नशीले पदार्थों की विश्व स्तर पर तस्करी की चुनौतियों और कानून पर की चर्चा

Summary :

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि अमेरिका ने वॉशिंगटन में यूएस-भारत ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की पहली मीटिंग होस्ट की। इस बैठक में दुनियाभर में ड्रग्स की चुनौती से निपटने और दोनों देशों के लिए एक सुरक्षित और सेहतमंद भविष्य बनाने के लिए पक्के और साझा वादे पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 20-21 जनवरी को हुई पहली मीटिंग की शुरुआत अमेरिका में नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी (ओएनडीसीपी) ऑफिस की डायरेक्टर सारा कार्टर की ओर से की गई। सारा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि अमेरिका ने वॉशिंगटन में यूएस-भारत ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की पहली मीटिंग होस्ट की। इस बैठक में दुनियाभर में ड्रग्स की चुनौती से निपटने और दोनों देशों के लिए एक सुरक्षित और सेहतमंद भविष्य बनाने के लिए पक्के और साझा वादे पर जोर दिया गया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 20-21 जनवरी को हुई पहली मीटिंग की शुरुआत अमेरिका में नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी (ओएनडीसीपी) ऑफिस की डायरेक्टर सारा कार्टर की ओर से की गई। सारा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और नार्को-टेररिज्म को खत्म करने की आपसी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

सारा कार्टर ने कहा, “ड्रग्स का संकट अब राष्ट्रीय सुरक्षा की मुख्य प्राथमिकता है। यह एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप परिवारों की सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय साझेदारी का फायदा उठाता है। साथ ही लेजिटिमेट इंडस्ट्रीज को भी समर्थन करता है।”

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा, “भारत ने नशीले पदार्थों की तस्करी और प्रीकर्सर केमिकल्स के डायवर्जन से होने वाले खतरे से निपटने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी। इसके साथ ही लेजिटिमेट ट्रेड की सुविधा के साथ प्रभावी एनफोर्समेंट को भी संतुलित किया।”

ओएनडीसीपी की कार्यवाहक डिप्टी डायरेक्टर, डेबी सेगुइन और भारत के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की डिप्टी डायरेक्टर जनरल, मोनिका आशीष बत्रा के नेतृत्व में एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप ने अमेरिकी और भारतीय डेलीगेशन के साथ मिलकर महत्वपूर्ण काउंटर-नारकोटिक्स साझेदारी को आगे बढ़ाने में ठोस और मूल्यवान नतीजे देने के लिए काम किया।

विदेश मंत्रालय ने बताया, “उन्होंने पूरी सरकार के नजरिए की अहमियत पर जोर दिया, जो इंटर-एजेंसी और इंटर-गवर्नमेंटल कोशिशों को आसान बनाता है और फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन को सुरक्षित करता है। ये अपने-अपने राष्ट्रीय नियमों और रेगुलेशन के हिसाब से हो, साथ ही गैर-कानूनी नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क को रोकने के लिए हाल के संयुक्त ऑपरेशन की सफलता पर भी काम करता है।”

बीते कुछ सालों में अमेरिका-भारत सुरक्षा सहयोग बढ़ा है। इसमें आतंकवाद विरोधी और कानून लागू करने वालों के तालमेल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। नशीले पदार्थों के खिलाफ कोशिशें उस साझेदारी का एक अहम हिस्सा बन गई हैं, क्योंकि ड्रग तस्करी के नेटवर्क बॉर्डर पार काम करते हैं।

–आईएएनएस

केके/एबीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.