अमेरीका के इस बयान पर चीन बिफर गया और कहा कि एलएसी पर सैन्य गतिरोध को हल करन के लिए किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू ने कहा कि चीन ने हाल ही में मई 2020 में शुरू हुए लद्दाख सेक्टर में गतिरोध को हल करने के लिए कदम उठाने के बजाय भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सीमा पर आक्रामक रुख अख्तियार किया। लू ने कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर अपने भारतीय साझेदारों के साथ खड़ा रहेगा।
मिर्ची लग गई ड्रैगन को
लू की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के चीन-भारत सीमा मुद्दे के संबंध में चीन के खिलाफ आरोप लगाए। प्रवक्ता ने कहा कि चीनी पक्ष इस तरह के कृत्यों का दृढ़ता से विरोध करता है। उसने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
सीमा विवाद चीन-भारत के बीच का मामला
प्रवक्ता ने दोहराया कि एलएसी पर स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद चीन और भारत के बीच का मामला है। दोनों पक्षों के पास बातचीत और परामर्श के माध्यम से प्रश्न को हल करने की इच्छा और क्षमता है। हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान देने वाले और काम कर सकता है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारत और चीन ने राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमा संबंधी मामलों पर सुचारू और रचनात्मक संचार बनाए रखा है।


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