दुनिया में चीन के बढ़ते प्रभुत्व को कम करने के लिए एक बार अमेरिका और जापान ने एकजुटता दिखाते हुए साथ आने का आह्वान किया है। जापान के नए प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से बातचीत की और कहा कि दोनों नेता जापान और अमेरिका के बीच गठबंधन को मजबूत करेंगे और चीन तथा उत्तर कोरिया की ओर से बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग करेंगे।
बाइडन ने किया जापान को आश्वस्त-
किशिदा को संसद द्वारा चुना गया था और उन्होंने सोमवार को शपथ ली थी। प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि बाइडन ने उन्हें पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीप सेनकाकू की रक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। इस द्वीप पर चीन भी अपना दावा करता है और उसने क्षेत्र में तटरक्षक बल की गतिविधि बढ़ा दी है।
किशिदा ने कहा कि बाइडन ने सेनकाकू समेत जापान की सुरक्षा करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने चीन और उत्तर कोरिया की चुनौतियों का मिलकर सामना करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। किशिदा मजबूत जापान-अमेरिका सुरक्षा संबंधों के समर्थक हैं और समान विचारधारा वाले एशियाई और यूरोपीय देशों तथा ब्रिटेन के साथ साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के पक्षधर हैं।
जापान के प्रधानमंत्री किशिदा ने सैन्य क्षमता में वृद्धि का लिया संकल्प-
किशिदा ने जापान की मिसाइल और नौसनिक क्षमता में वृद्धि करने का भी संकल्प लिया है। किशिदा ने सोमवार को कहा कि चीन के साथ संवाद जारी रहेगा जो कि एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और व्यापारिक साझेदार है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में यथास्थिति बदलने के चीन के प्रयासों का विरोध किया जाना चाहिए। सोमवार को किशिदा ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से भी बातचीत की और द्विपक्षीय सुरक्षा तथा आर्थिक संबंधों को मजबूत करने एवं ‘क्वाड’ गठबंधन पर चर्चा की।


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