विश्व का सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने गुरूवार को औपचारिक तौर से स्पष्ट करते हुए कहा अमेरिकी सरकार ने बृहस्पतिवार को ताइवान के साथ व्यापार वार्ता शुरु करने की घोषणा की जिसे द्वीपीय देश के लिए समर्थन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
चीन ताइवान पर अपना दावा करता है और उसने चेतावनी दी है कि यदि आवश्यक हुआ तो वह ‘‘अपनी संप्रुभता की रक्षा’’ के लिए कार्रवाई करेगा। ताइवान को भयभीत करने के लिए बीजिंग द्वारा समुद्र में मिसाइल दागे जाने के बाद यह घोषणा की गई है।
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सरकार ने इस वार्ता की आलोचना की। चीन की सरकार ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह ताइवान को स्वतंत्रता के लिए उकसाने का प्रयास न करे। वाणिज्य मंत्रालय की प्रवक्ता शू जुएटिंग ने कहा, ‘‘चीन इसका कड़ा विरोध करता है।’’ उन्होंने अमेरिका से ‘‘चीन के मूल हितों का पूरा सम्मान करने’’ का आह्वान किया।
ताइवान स्वशासित द्वीप पर चीन के राजनीतिक नियंत्रण को स्वीकार करने के लिए बीजिंग के दबाव का विरोध करने के वास्ते अपनी क्षमता को सैन्य अभ्यास के जरिये प्रदर्शित कर रहा है।
चीन के जहाजों और विमानों द्वारा ताइवान के समुद्री और हवाई क्षेत्र में चीनी मिसाइलों को दागने के कुछ दिनों के बाद ताइवान ने दक्षिणपूर्वी काउंटी हुआलीन में बुधवार को सैन्य अभ्यास किया था। प्रवक्ता शू जुएटिंग ने कहा, ‘‘चीन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।’’अमेरिका का कहना है कि चीन और ताइवान की स्थिति पर उसका कोई विशेष रुख नहीं है, लेकिन वह चाहता है कि उनके (चीन और ताइवान) बीच विवाद का शांतिपूर्ण ढंग से समाधान हो जाये।


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