तालिबान विरोधी संघर्ष की हुई शुरुआत, ढेर हुए 300 लड़ाके और कई कैद, 3 जिलों से धोना पड़ा हाथ

Summary :

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आतंकियों के सामने पहली बार चुनौती पेश की गई है, दरअसल बगलान प्रांत के तालिबान पर घात लगाकर हमला किया गया है।

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आतंकियों के सामने पहली बार चुनौती पेश की गई है। दरअसल बगलान प्रांत के तालिबान पर घात लगाकर हमला किया गया है, जिसमें तालिबान के 300 लड़ाके मारे गए। वहीं अफगानिस्तान में तालिबान के विरोध में सुर लगातार तेज हो रहे हैं, पंजशीर के लड़ाकों ने भी तालिबान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तरी अफगान प्रांत बगलान के सूत्रों के अनुसार स्थानीय विद्रोही बलों ने तीन जिलों को तालिबान के नियंत्रण से वापस ले लिया है। 
सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के भारी हताहत होने की खबर सामने आई है। बता दें कि पत्रकार यालदा हकीम ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर यह जानकारी दी कि बगलान के अंद्राब में छिपकर तालिबानियों पर ये बड़ा हमला किया गया। हमले में तालिबानियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है, तालिबान विरोधी लड़ाकों की तरफ से दावा किया गया है कि इस हमले में उन्होंने 300 तालिबानियों को मार गिराया है। खबर ये भी है कि हमले के बाद कई तालिबानियों को कैद कर लिया गया है।

तालिबानी लड़ाकों पर हुए इस हमले को लेकर पूर्व पुलिस प्रमुख असदुल्ला ने कहा, “ऊपर वाले और मुजाहिदीन के समर्थन से, तीन जिलों को मुक्त किया गया है। हम अब खिनजान जिले की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही बगलान प्रांत को साफ कर देंगे।” बगलान में राजमार्ग के प्रभारी पूर्व पुलिस कमांडर गनी अंदाराबी ने कहा, “अल्लाह की मदद से, हमने तालिबान को बड़े पैमाने पर हताहत किया है। वर्तमान में बानू जिला सार्वजनिक विद्रोही ताकतों के नियंत्रण में है।”
इसके साथ ही अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी इस हमले को लेकर ट्वीट किया। ट्वीट के जरिए उन्होंने तालिबान पर तंज कसते हुए कहा कि ‘जब से तालिबानियों पर बड़ा हमला किया गया है, उसके लिए एक पीस में जिंदा वापस आना भी चुनौती थी। अब तालिबान ने पंजशीर में अपने लड़ाकों की संख्या बढ़ा दी है।’

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