अरब संसद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गोलन हाइट्स पर इजरायल के कब्जे को मान्यता देने के फैसले को नकार दिया है। गोलन हाइट्स सीरिया का वह हिस्सा है, जिसपर 1967 के युद्ध के बाद से इजरायली सेना का कब्जा है। सऊदी प्रेस एजेंसी की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद के स्पीकर मिशाल बिन फाहम एल-सलामी ने सोमवार रात को ‘सीरियाई गोलन पर कब्जा करने वाली शक्ति (इजरायल) की संप्रभुता को मान्यता देने के ट्रंप के फैसले को स्पष्ट रूप से खारिज’ कर दिया।
अल-सलामी ने इस कदम को संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्तावों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 242 का घोर उल्लंघन करार दिया है। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले सोमवार को व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर विवादित क्षेत्र पर इजरायल की संप्रभुता को मान्यता देने वाले प्रथम देश के रूप में अमेरिका के कदम की पुष्टि की। व्हाइट हाउस ने कहा है कि क्षेत्र में संभावित भावी शांति समझौते के लिए यह एक बेहद ही जरूरी कदम है और यह समझौता इजरायल के खुद को सीरिया और अन्य क्षेत्रीय खतरों से सुरक्षित रखने की जरूरत को दर्शाता है।


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