सिडनी : ऑस्ट्रेलिया के नए कड़े नियमों के तहत बाल यौन उत्पीडऩ के दोषियों के पासपोर्ट रद्द कर दिए जाएंगे ताकि वे दोबारा अपराध करने के लिए विदेश न जा पाएं। ऑस्ट्रेलिया ने अपने इस कदम को ‘विश्व में पहला ऐसा कदम’ करार दिया है। घोषित अपराधियों के देश छोडऩे या देश छोडऩे की कोशिश को अवैध बनाने के लिए इस माह संसद में विधेयक लाया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया बाल-यौन पयर्टन पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठा रहा है।
विदेश मंत्री जूली बिशप ने कहा, ”नए नियम बाल-यौन उत्पीडऩ के अपराधियों को ऑस्ट्रेलिया छोडऩे या ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट रखने से रोकेगा।” उन्होंने कहा, ”पिछले साल ही लगभग 800 पंजीकृत बाल यौन अपराधी ऑस्ट्रेलिया से विदेश यात्रा पर गए।” उन्होंने कहा कि इनमें से कई अपराधी ऐसे थे, जो एशिया के विकासशील देशों की यात्रा पर गए और उन्होंने पुलिस को अपनी यात्रा की सूचना न देकर नियमों का उल्लंघन किया। इनमें से आधे अपराधी ऐसे हैं, जिनके दोबारा अपराध को अंजाम देने का खतरा मध्यम से उच्च या बेहद उच्च था।
कई हाईप्रोफाइल मामले सामने आने के बाद उठाया गया यह कदम
यह कदम विदेशों में बाल यौन उत्पीडऩ के कई हाईप्रोफाइल मामले सामने आने के बाद उठाया गया है। एक मामला पिछले साल का है, जब ऑस्ट्रेलियाई रॉबर्ट एलिस को बाली में 11 इंडोनेशियाई लड़कियों का यौन उत्पीडऩ करने का दोषी करार दिया गया था। न्यायमंत्री माइकल कीनन ने कहा कि नए नियम ”बाल-यौन पयर्टन पर अब तक की कठोरतम कार्रवाई है।”


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