भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले पर आज बलूच नेता ने बड़ा खुलासा किया है आपको बता दे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के बलूचिस्तान से गिरफ्तारी के पाकिस्तान के दावे को बलूच नेता ने सिरे से खारिज कर दिया है।
बलूच नेता हिर्बयार मर्री ने कहा कि कुलभूषण जाधव को कभी भी बलूचिस्तान से गिरफ्तार नहीं किया गया है, वास्तव में उन्हें पाकिस्तानी राज्य प्रायोजित धार्मिक प्रॉक्सी द्वारा ईरान से अपहरण करने के बाद पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया। भारत पहले ही पाकिस्तान ने इस दावे को झूठा बताते आया है।
बलूच नेता हरबियार मार्री के अनुसार , पाकिस्तान प्रायोजित ऐसे धार्मिक अतिवादी संगठन लंबे समय से उसके ऐसे काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले ऐसी बहुत सी घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें धार्मिक अतिवादियों ने अफगानिस्तान से या अफगानिस्तान जाने के दौरान बलूच शरणार्थियों का अपहरण कर उन्हें आईएसआई या पाकिस्तानी सेना को बेचा है। हरबियार मार्री ने आगे कहा कि 70 और 80 के दशक में पाकिस्तान समर्थित तालिबान भी अफगानिस्तान में मार्री शरणार्थियों की हत्या करने के बाद उनकी तस्वीरें आईएसआई और पाकिस्तानी सेना को दिखाकर पैसे लेते थे।
उन्होंने आगे कहा कि 1970 के दशक के आखिर सालों में पाकिस्तान समर्थित तालिबान ने निर्दोष मर्री बलूच शरणार्थियों की हत्या की। उनके सर काटकर शरीर से अलग कर दिए और तस्वीरें खीचीं ताकि आईएसआई और पाकिस्तानी सेना से पैसे कमा सकें।
वही भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ सुरक्षा के नाम पर पाकिस्तान में जैसा व्यवहार हुआ उस पर प्रतिक्रया जताते हुए बलूच नेता हिर्बयार मर्री ने कहा कि यह भारत और पूरी दुनिया की आंख खोलने वाला है। उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान में बलूच महिलाओं के साथ कैसा अमानवीय व्यवहार किया जाता होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह बेटे से मिलने आई भारत की बुजुर्ग महिला के साथ व्यवहार किया गया उसके बाद किसी प्रमाण की जरूरत नहीं रह जाती कि बलूच कैदियों, महिलाओं और बच्चों के साथ पाकिस्तानी सेना गुप्त और अवैध ठिकानों पर कैसा सलूक करती होगी।
पाक के धोखे के खिलाफ चेतावनी देते हुए बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा करने वाला कोई देश नहीं है क्योंकि हम बलूचों का यह अनुभव रहा है और जिससे हमने सीख ली है कि पाकिस्तान वो जहरीला सांप है जो उसी हाथ को काटता है जिसे वो खिलाता है।
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