बांग्लादेश पुलिस ने ढाका के धनमंडी क्षेत्र से प्रमुख अर्थशास्त्री अबुल बरकात को भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) द्वारा दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) के संयुक्त आयुक्त नासिरुल इस्लाम ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। अर्थशास्त्री अबुल बरकात की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नागरिकों और विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरफ्तारी मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की एक और कड़ी है। अबुल बरकात पूर्व में ढाका विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष और बांग्लादेश इकोनॉमिक एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने अवामी लीग सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य संचालित जनता बैंक पीएलसी के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया।
ग्रुप के नाम पर 2.97 अरब
फरवरी में, एसीसी ने बरकात और 22 अन्य के खिलाफ अननटेक्स ग्रुप के नाम पर 2.97 अरब टका की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने पूर्व बांग्लादेश बैंक गवर्नर अतीउर रहमान पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने बरकात के साथ मिलकर जाली दस्तावेजों के जरिए अननटेक्स ग्रुप की 22 कंपनियों को अवैध ऋण प्रदान किया। इससे पहले पिछले महीने, ढाका पुलिस ने प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री और 2020 में ‘एकुशे पदक’ से सम्मानित शम्सुल आलम को भी बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तार किया था। वह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार में योजना राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। नासिरुल इस्लाम ने बताया, “उन्हें मिंटो रोड स्थित डीबी कार्यालय में रखा गया है।
सत्ता से हटना पड़ा
उनके खिलाफ मामला दर्ज है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।” गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बांग्लादेश में लोकतंत्र के लिए एक बड़ा झटका माना था। इसके बाद से अंतरिम सरकार ने हसीना, उनके समर्थकों और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कई मामलों की शुरुआत की है, जिन्हें विश्लेषक निराधार और प्रतिशोधात्मक बता रहे हैं।


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