अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवन ने कहा कि अमेरिका में लोकतांत्रिक सुधार और मताधिकारों की मूल भावना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रथम विदेश दौरे से पहले सुलिवन ने यह बात कही। उल्लेखनीय है कि बाइडन इस दौरे में ब्रिटेन, ब्रसेल्स और जिनेवा जाएंगे। वह जी-7 के शिखर सम्मेलन में भी शरीक होंगे।
सुलिवन ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी प्रतिस्पर्धा निरंकुश शासनों के मॉडलों के साथ है। हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि अमेरिकी लोकतंत्र और स्पष्ट लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं कार्य करने में सक्षम हैं और लोगों की इच्छानुसार प्रभावी परिणाम देने में भी समक्ष हैं। यदि हम आधुनिक दौर की जरूरतों के मुताबिक अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं आदि में सुधार, उन्हें अद्यतन और उनमें नवीकरण नहीं करते हैं तो बाकी की दुनिया, चीन, रूस या किसी भी और के सामने उतनी दृढ़ता से इस बात को नहीं रख सकेंगे।’’
एनएसए ने कहा कि इसलिए इसका एक राष्ट्रीय सुरक्षा पहलू भी है जैसा शीत युद्ध के दौरान था। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में लोकतांत्रिक सुधार और मतदान के अधिकारों की मूल भावना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दिखाया है कि कोविड महामारी के संबंध में वह हालात बदलने में सक्षम है, वह अनुसंधान एवं विकास में, नवोन्मेष में तथा कार्यबल के लिए निवेश कर सकता है।


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