अल नीनो इफेक्ट: पनामा नहर से जहाजों की आवाजाही होगी कम, वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा असर

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पनामा सिटी, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मौसम की मार का असर समुद्री व्यापार मार्ग पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। मध्य अमेरिका में गंभीर सूखे और अल नीनो इफेक्ट के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल पनामा नहर से जहाजों की आवाजाही कम होने जा रही है। पनामा नहर प्राधिकरण ने गुरुवार को जलस्तर में गिरावट के कारण सितंबर से नहर में प्रतिदिन उपलब्ध ट्रांजिट स्लॉट घटाने का फैसला किया है। ऑटोरिडाड डेल केनाल ड पनामा यानी पनामा कैनाल ऑथोरिटी (एसीपी) के अनुसार, पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ती है और वैश्विक समुद्री…

पनामा सिटी, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मौसम की मार का असर समुद्री व्यापार मार्ग पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। मध्य अमेरिका में गंभीर सूखे और अल नीनो इफेक्ट के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल पनामा नहर से जहाजों की आवाजाही कम होने जा रही है। पनामा नहर प्राधिकरण ने गुरुवार को जलस्तर में गिरावट के कारण सितंबर से नहर में प्रतिदिन उपलब्ध ट्रांजिट स्लॉट घटाने का फैसला किया है।

ऑटोरिडाड डेल केनाल ड पनामा यानी पनामा कैनाल ऑथोरिटी (एसीपी) के अनुसार, पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम है। नहर के जरिए जहाजों को दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी सिरे केप हॉर्न का लंबा रास्ता तय करने से बचाया जाता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है।

पनामा नहर प्राधिकरण (एसीपी) के अनुसार, 3 सितंबर 2026 से नियोपनामैक्स लॉक के लिए दैनिक ट्रांजिट स्लॉट घटाकर नौ किए जाएंगे। वहीं पैनामैक्स लॉक में दैनिक स्लॉट की संख्या 25 होगी। इसके बाद 15 सितंबर से पैनामैक्स लॉक के स्लॉट घटाकर 23 प्रतिदिन किए जाएंगे।

इसके साथ ही बड़े जहाजों के लिए अधिकतम अनुमत ड्राफ्ट भी कम किया जा रहा है। 26 अगस्त से नियोपनामैक्स लॉक में अधिकतम ड्राफ्ट 48 फीट (14.63 मीटर) और 3 सितंबर से 47.5 फीट (14.48 मीटर) किया जाएगा। इसका मतलब है कि कुछ बड़े और भारी मालवाहक जहाजों को अपने कार्गो का वजन कम करना पड़ सकता है।

पनामा नहर में जहाजों की आवाजाही के लिए पर्याप्त पानी मुख्य रूप से झीलों और जलाशयों पर निर्भर करती है। सूखे के कारण जलस्तर कम होने पर नहर के लॉक सिस्टम के संचालन और बड़े जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए पानी की उपलब्धता चुनौती बन जाती है।

यह स्थिति वैश्विक सप्लाई चेन के लिए भी चिंता बढ़ा सकती है। जहाजों की संख्या सीमित होने से प्रतीक्षा समय बढ़ सकता है और माल ढुलाई की लागत पर दबाव आ सकता है। इससे कंटेनर, ऊर्जा और अन्य प्रमुख वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। हाल के दिनों में नहर से गुजरने के लिए स्लॉट हासिल करने की लागत में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई है।

पनामा नहर प्राधिकरण ने कहा है कि वह बदलते मौसम और जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। यदि सूखे की स्थिति और गंभीर होती है तो आगे भी अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

–आईएएनएस

केआर/

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IANS Agency

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