भारत ने नेपाल के अनुरोध पर नेपाल को बिजली निर्यात करने संबंधी समझौते का शुक्रवार को नवीकरण किया। इस समझौते की समयसीमा 31 मार्च को समाप्त हो रही थी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के प्रवक्ता चंदन घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘ हमें जून के अंत तक नेपाल को बिजली निर्यात करने संबंधी समझौते के नवीकरण की अधिसूचना मिली है।
- समझौते की समयसीमा 31 मार्च को समाप्त
- हमें जून के अंत तक नेपाल को बिजली निर्यात करने संबंधी समझौते के नवीकरण की अधिसूचना
- भारत से कुल 554 मेगावाट बिजली आयात
सीमा पार पारेषण लाइन से 500 मेगावाट
उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत नेपाल सुबह छह बजे से शाम छह बजे के बीच भारत से कुल 554 मेगावाट बिजली आयात कर सकता है। घोष ने कहा कि हिमालयी राष्ट्र ढालकेबार-मुजफ्फरपुर सीमा पार पारेषण लाइन से 500 मेगावाट और टनकपुर के माध्यम से 54 मेगावाट बिजली ले सकता है।
जून के बाद नेपाल भारत को बिजली निर्यात करने की स्थिति में
नेपाल में बिजली का संकट है क्योंकि अधिकतर घरेलू बिजली संयंत्र नदी प्रवाह प्रणाली पर निर्भर हैं और सर्दी के मौसम में नदियों में कम पानी होता है। वर्तमान में नेपाल का घरेलू बिजली उत्पादन लगभग 1,200 मेगावाट है जबकि इस अवधि में देश में बिजली की मांग 1,800 मेगावाट से 2,000 मेगावाट है। घोष ने बताया कि जून के बाद नेपाल भारत को बिजली निर्यात करने की स्थिति में होगा।


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