सिंगापुर की यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बयान दिया है कि, भारत ने डिजिटल उपकरणों और अधिक उत्पादन क्षमता के संयोजन से कर दिखाया कि, प्रति व्यक्ति आय 2,000 डॉलर से कम होने के बावजूद सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। जयशंकर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान ‘ग्रेट पावर कॉम्पिटिशन: द इमर्जिंग वर्ल्ड ऑर्डर’ के मुद्दे पर कहा कि भारत का स्वास्थ्य ढांचा कोविड-19 महामारी के जवाब में विकसित हुआ है ।
देश में महामारी के समय हमारे पास नहीं थे वेंटिलेटर
विदेश मंत्री ने कहा कि, जिस समय भारत कोविड-19 महामारी की चपेट में आया, उस समय हमारे यहां केवल दो कंपनियां थीं जो वेंटिलेटर असेंबल कर रही थीं। कोई एन95 मास्क निर्माता कंपनी नहीं थी और चिकित्सा उपकरण बहुत कम थे।
उन्होंने कहा, इस अवधि के दौरान हमने बहुत बड़ा विस्तार किया है। कोविड-19 के जवाब में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा बड़े स्तर पर विकसित हुआ है। विदेश मंत्री ने कहा, हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तन किया है।


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