किंशासा, 4 सितंबर (आईएएनएस)। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने गुरुवार को कहा कि हाल के हफ्तों में हालात कुछ स्थिर होते दिख रहे हैं, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में फैला इबोला प्रकोप पूरी तरह नियंत्रण में आ गया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका सीडीसी के अधिकारी वेसम मंकौला ने एक ऑनलाइन प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हम पूरे प्रकोप को नियंत्रित करने में सफल हो गए हैं।”
गुरुवार को जारी सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर तक डीआरसी में 6,250 कन्फर्म मामले और 3,039 मौतें दर्ज की गई थीं, और मृत्यु दर 48.6 प्रतिशत थी। कुल 1,439 मरीज ठीक हो चुके हैं। इस प्रकोप ने छह प्रांतों के 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्रभावित किया है।
चार स्वास्थ्य क्षेत्रों में 42 दिनों से अधिक समय तक कोई नया मामला सामने नहीं आने के बाद संक्रमण रुक गया है, जबकि अन्य पांच क्षेत्रों में 21 से 42 दिनों तक कोई नया मामला नहीं आया है। हालांकि, मंकौला ने कहा कि 51 स्वास्थ्य क्षेत्रों में संक्रमण अभी भी सक्रिय है।
मंकौला ने कहा, “पिछले दो हफ्तों में मामलों की संख्या में कमी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन अभी यह कहना बहुत जल्दी होगा कि यह गिरावट लगातार बनी रहेगी।”
अफ्रीका सीडीसी ने चिंता जताई कि पिछले सात दिनों में दर्ज हुई मौतों में 60 प्रतिशत से अधिक मौतें समुदायों के भीतर हुई हैं, यानी कई मरीज समय रहते अस्पताल या उपचार केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। यह स्थिति बीमारी की पहचान में देरी और उपचार लेने में आने वाली चुनौतियों को दिखाती है।
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने चेतावनी दी है कि इबोला वायरस का प्रसार राहत और नियंत्रण प्रयासों की तुलना में तेजी से हो रहा है। इस प्रकोप से मरने वालों की संख्या 3,000 से अधिक हो गई है।
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त तक डीआरसी में 6,186 कन्फर्म मामले और 3,007 मौतें दर्ज की गई थीं। कुल 1,409 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 830 अन्य आइसोलेशन या इबोला उपचार केंद्रों में हैं।
इस प्रकोप ने इतुरी, नॉर्थ किवु, हौट-उएले, त्शोपो, साउथ किवु और बास-उएले प्रांतों के 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्रभावित किया है। इतूरी इसका मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां देश भर के कुल कन्फर्म मामलों में से 81.9 प्रतिशत मामले यहीं पाए गए हैं।
मई में घोषित यह मौजूदा प्रकोप, देश का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे घातक इबोला महामारी बन गया है। साथ ही, यह दुनिया भर में दूसरी सबसे बड़ी महामारी है। इससे बड़ी महामारी केवल 2014-2016 में पश्चिम अफ्रीका में फैली थी।
–आईएएनएस
एवाई/एएस
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