पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में ऐतिहासिक राम लीला मंदिर सील, कमर्शियल प्लाजा बनाने की साजिश पर बवाल

Summary :

मंदिर को तोड़े जाने की खबरों के बीच नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और हिंदू समुदाय के नेताओं की एक संयुक्त आपात बैठक स्थानीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष सोहेल अहमद आजमी के कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में पूर्व प्रांतीय विधानसभा सदस्य और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधि किशोर कुमार तथा समाज सेवी मोहम्मद नौमान समेत कई  लोग मौजूद रहे।

Pakistan Ramleela tample seal : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत स्थित डेरा इस्माइल खान के रहीम बाजार में बने ऐतिहासिक राम लीला मंदिर को स्थानीय प्रशासन ने सील कर दिया है। मंदिर की जमीन पर अवैध रूप से कमर्शियल प्लाजा बनाने और ऐतिहासिक इमारत को ध्वस्त करने की कोशिशों के बीच सिविल सोसाइटी और हिंदू समुदाय के कड़े विरोध के बाद यह कार्रवाई की गई है।

पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, असिस्टेंट कमिश्नर हामिद सिद्दीक ने मंदिर को सील कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। हालांकि, मंदिर को कमर्शियल संपत्ति में तब्दील करने की प्रशासनिक मिलीभगत से सांस्कृतिक धरोहरों के अस्तित्व पर गहरा खतरा मंडराने लगा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और अधिकार कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

400 धरोहर इमारतों में शामिल है राम लीला मंदिर

मंदिर को तोड़े जाने की खबरों के बीच नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और हिंदू समुदाय के नेताओं की एक संयुक्त आपात बैठक स्थानीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष सोहेल अहमद आजमी के कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में पूर्व प्रांतीय विधानसभा सदस्य और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधि किशोर कुमार तथा समाज सेवी मोहम्मद नौमान समेत कई  लोग मौजूद रहे।

प्रतिनिधियों ने बताया कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड द्वारा डेरा इस्माइल खान की जिन 400 ऐतिहासिक इमारतों को कल्चरल हेरिटेज के रूप में चिह्नित किया गया है, उनमें यह राम लीला मंदिर भी शामिल है।

नेशनल असेंबली में मुद्दा उठाने की चेतावनी

बैठक में शामिल नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण की वैधता पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने बिना किसी कानूनी अधिकार के मंदिर परिसर में निर्माण की अनुमति देने की कोशिश की।

नागरिक समाज, साहित्यकारों और हेरिटेज प्रेमियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे शहर की सांस्कृतिक पहचान से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में जोर-शोर से उठाने की मांग की गई है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।