सिडनी, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एंथनी अल्बनीज ने बुधवार को घोषणा की कि सरकार ने अतिरिक्त डीजल शिपमेंट सुरक्षित कर लिए हैं, जिससे देश में ईंधन आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
सिडनी में पत्रकारों से बातचीत में अल्बनीज ने बताया कि कुल 20 करोड़ लीटर डीजल के चार शिपमेंट तय किए गए हैं। इनमें से दो दक्षिण कोरिया से, जबकि एक-एक शिपमेंट ब्रुनेई और मलेशिया से आएगा। यह आपूर्ति बीपी और वीवा एनर्जी के सहयोग से सुनिश्चित की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू ईंधन आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ऑस्ट्रेलिया मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस दौरान ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने बताया कि ये डीजल शिपमेंट मई के अंत या जून की शुरुआत तक ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आपूर्ति देश के रणनीतिक ईंधन भंडार के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करेगी।
सरकार इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। अल्बनीज गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नेताओं के साथ ईंधन सुरक्षा को लेकर तीसरी बार बैठक करने वाले हैं। यह बैठक मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से हो रही चर्चाओं का हिस्सा है।
इससे पहले 18 अप्रैल को अल्बनीज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने का स्वागत किया था। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। उन्होंने ईरान की उस घोषणा को सकारात्मक बताया था, जिसमें कहा गया था कि युद्धविराम के दौरान सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए यह मार्ग पूरी तरह खोल दिया गया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि इस नाजुक व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू किया जाना जरूरी है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑस्ट्रेलिया इस क्षेत्र में जहाजरानी की सुरक्षा के लिए सैन्य संसाधन भेजेगा, तो उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के किसी भी अनुरोध पर विचार करेगी।
ऊर्जा मंत्री बोवेन ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने हाल के समय में अपने रणनीतिक ईंधन भंडार में वृद्धि की है, ताकि किसी भी आपूर्ति संकट से निपटा जा सके।
मौजूदा हालात में, जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है, ऑस्ट्रेलिया का यह कदम न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए अहम है, बल्कि यह देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को भी मजबूत करता है।
–आईएएनएस
केआर/
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