इबोला संकट: कांगो में मरीजों और मौतों की संख्या बढ़ी, नियंत्रण के प्रयास तेज

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किंशासा, 27 मई (आईएएनएस)। स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने कहा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन संक्रमण और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। काम्बा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में करीब 1,000 संदिग्ध मामलों की पहचान की है, जिनमें से 101 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 200 से 220 मौतें इस प्रकोप से जुड़ी मानी जा रही हैं, जबकि 17 मौतों की पुष्टि लैब टेस्ट के जरिए की गई है। काम्बा ने कहा क‍ि हम अभी…

किंशासा, 27 मई (आईएएनएस)। स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने कहा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन संक्रमण और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

काम्बा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में करीब 1,000 संदिग्ध मामलों की पहचान की है, जिनमें से 101 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 200 से 220 मौतें इस प्रकोप से जुड़ी मानी जा रही हैं, जबकि 17 मौतों की पुष्टि लैब टेस्ट के जरिए की गई है।

काम्बा ने कहा क‍ि हम अभी महामारी के शुरुआती दौर में हैं, और आगे इसका बढ़ना इस बात पर निर्भर करेगा कि रोकथाम और नियंत्रण के प्रयास कितने प्रभावी होते हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार का जवाबी अभियान लगभग चार से छह महीने तक चल सकता है।

यह प्रकोप इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से हुआ है, जिसे काम्बा ने बताया कि यह जायर स्ट्रेन जितना घातक नहीं है, लेकिन अगर संक्रमण बढ़ता रहा तो यह फिर भी खतरनाक है। अभी इस स्ट्रेन के लिए कोई मंजूर वैक्सीन या खास इलाज उपलब्ध नहीं है।

संक्रमण को रोकने के लिए अधिकारी निगरानी, टेस्टिंग, मरीजों को अलग रखना, संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग, समुदाय के साथ काम और सुरक्षित तरीके से अंतिम संस्कार जैसे उपायों पर भरोसा कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को सरकार ने बुनिया शहर, जो इटुरी प्रांत की राजधानी और इस प्रकोप का केंद्र है, वहां से आने-जाने वाली नागरिक यात्री उड़ानों को रोक दिया, जबकि मानवीय सहायता वाली उड़ानों को जारी रखा गया है।

काम्बा ने कहा कि वायरस आधिकारिक रूप से 15 मई को घोषित होने से पहले ही फैल रहा हो सकता है, क्योंकि इबोला का इनक्यूबेशन पीरियड (शरीर में लक्षण दिखने से पहले का समय) 21 दिनों तक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक ‘पेशेंट जीरो’ यानी सबसे पहला संक्रमित व्यक्ति पहचाना नहीं गया है।

इससे पहले 26 मई को, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) ने बताया था कि इबोला वायरस बीमारी का एक पुष्टि किया गया मरीज पूर्वी डीआर कांगो के गोमा शहर में ठीक हो रहा है, और इस प्रकोप से निपटने के लिए प्रतिक्रिया को मजबूत करने का काम चल रहा है।

डब्‍ल्‍यूएचओ की कार्यवाहक प्रतिनिधि एने एंसीया ने गोमा के दौरे के दौरान यह जानकारी दी थी। यह शहर इस समय मार्च 23 मूवमेंट (एम23) विद्रोही समूह के नियंत्रण में है।

उन्होंने बताया कि मरीज का इलाज एक स्थानीय अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत ‘काफी बेहतर’ है। उसके संपर्क में आए लोगों की नियमित निगरानी की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल चर्चा का मुख्य फोकस शहर की स्वास्थ्य स्थिति और निगरानी, मरीजों के इलाज, संपर्क ट्रेसिंग और समुदाय की भागीदारी को मजबूत करने पर है, ताकि बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैल रहे इबोला प्रकोप को नियंत्रित किया जा सके।

–आईएएनएस

एवाई/एएस

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