काहिरा, 19 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर नए हमले किए हैं। अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुए इस हमले की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। तीनों देश तनाव कम करने की मांग कर रहे हैं।
सरकारी ब्रॉडकास्टर जॉर्डन रेडियो एंड टेलीविजन कॉर्पोरेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जॉर्डन के एयर डिफेंस ने ईरान से इलाके की ओर लॉन्च की गई तीन मिसाइलों को रोक लिया, जबकि चौथी मिसाइल दक्षिणी जॉर्डन के एक दूर-दराज के इलाके में गिरी। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत या सामान का नुकसान नहीं हुआ।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि मिसाइलें दक्षिणी जॉर्डन के तटीय शहर अकाबा में तैनात अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट को निशाना बनाकर दागी गईं, जो सीधे इजरायली शहर इलियट से सटा हुआ है।
घटना के बाद, इजरायल के चैनल 13 न्यूज ने बताया कि मिसाइल के जॉर्डन की ओर लॉन्च होने के बाद, अमेरिकी सेना ने इलियट से लगभग 18 किलोमीटर उत्तर में दक्षिणी इजरायल के रेमन एयरपोर्ट से रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को हटा दिया।
इजरायल के सरकारी कान टीवी न्यूज ने कहा कि इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर कमर्शियल पैसेंजर फ्लाइट्स की उड़ान में देरी हुई।
इससे पहले, अम्मान में अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया था जिसमें कहा गया था कि अकाबा के एयरपोर्ट और सीपोर्ट को खतरे की वजह से खाली करा दिया गया है और अमेरिकियों से अगली सूचना तक उन जगहों से दूर रहने को कहा गया है।
बाद में जॉर्डन के अधिकारियों ने दूतावास के दावे को खारिज कर दिया और कहा कि दोनों फैसिलिटी सामान्य तरीके से काम कर रही थीं।
रविवार को ही, कुवैत की आर्म्ड फोर्स ने कहा कि एयर डिफेंस ने देश के ऊपर दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोक दिया, जबकि एक और हमला एक पावर जनरेशन और वॉटर डीसैलिनेशन फैसिलिटी पर हुआ। इससे आग लग गई और बहुत नुकसान हुआ।
एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, कुवैती आर्मी ने कहा कि सुबह से ही आने वाली मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाया गया था और उन पर हमला किया गया था। इसमें यह नहीं बताया गया कि कितने प्रोजेक्टाइल शामिल थे।
सेना ने ईरान पर सिविलियन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली जगहों पर हमला हुआ है।
अरब लीग के सेक्रेटरी-जनरल नबील फहमी ने इलाके में चल रहे तनाव के गंभीर नतीजों की चेतावनी दी और हिंसा के नए दौर से बचने की कोशिश करने को कहा।
फहमी ने अमेरिका और ईरान से तनाव कम करने के लिए तुरंत काम करने की अपील की और कहा कि तनाव बढ़ने से सभी पक्षों को और नुकसान होगा।
उन्होंने इस खतरे के बारे में चेतावनी दी कि हालात काबू से बाहर हो सकते हैं, जिससे आपसी तबाही हो सकती है और इलाके और उसके बाहर आर्थिक हालात और खराब हो सकते हैं।
जॉर्डन के उपप्रधानमंत्री और विदेश मामलों और प्रवासी मंत्री अयमान सफादी ने इलाके में तनाव बढ़ने और स्थिरता वापस लाने की कोशिशों पर अपने तुर्किए और कुवैती समकक्षों के साथ फोन पर अलग-अलग बात की।
विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान के साथ अपनी बातचीत के दौरान, सफादी ने तनाव खत्म करने, अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते को लागू करने और तनाव की असली वजहों को दूर करने के लिए एक बड़ा हल निकालने के लिए बातचीत पर लौटने की जरूरत पर जोर दिया।
कुवैती विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा के साथ अपने कॉल में, सफादी ने ईरानी हमलों के सामने कुवैत और अन्य खाड़ी सहयोग परिषद देशों के साथ जॉर्डन की एकजुटता व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने संकट को समाप्त करने, शांति बहाल करने और स्थायी सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने के लिए बातचीत और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया।
ये ताजा घटनाक्रम मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच हुआ, अमेरिका और ईरान ने एक के बाद एक कई हमले किए हैं। अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर आठ बार हमले किए हैं, जबकि ईरान ने कई क्षेत्रीय देशों में अमेरिकी ठिकानों और जगहों पर हमला करके जवाब दिया है।
–आईएएनएस
केके/पीएम
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