होर्मुज स्ट्रेट तनाव: अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान के फैसलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा

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वाशिंगटन, 6 मई (आईएएनएस)। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में से एक में लंबे समय तक रुकावट की आशंकाओं से वैश्विक तेल बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है। इसी बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी है कि ईरान के फैसलों से बड़े पैमाने पर आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने की ईरान की कोशिशों से ईंधन की आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और दुनिया की प्रमुख…

वाशिंगटन, 6 मई (आईएएनएस)। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में से एक में लंबे समय तक रुकावट की आशंकाओं से वैश्विक तेल बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है। इसी बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी है कि ईरान के फैसलों से बड़े पैमाने पर आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने की ईरान की कोशिशों से ईंधन की आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खतरा पैदा हो गया है।

रूबियो ने कहा, “यह दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। ईरानी शासन को यह तय करने की इजाजत नहीं दी जा सकती कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का इस्तेमाल कौन करेगा।”

ये टिप्पणियां तब आईं जब ट्रंप प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया, जो एक सैन्य अभियान है। इसका उद्देश्य फारसी खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाले संकरे समुद्री गलियारे से कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित निकालना है।

रूबियो ने कहा कि ईंधन, उर्वरक और मानवीय सहायता सामग्री ले जाने वाले कमर्शियल जहाज ईरानी हमलों और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछाए जाने के कारण हफ्तों से फंसे हुए हैं। रूबियो ने स्वीकार किया कि जैसे-जैसे वैश्विक तेल बाजार इस संकट पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, अमेरिका के भीतर ईंधन की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि घरेलू ऊर्जा उत्पादन के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक सुरक्षित स्थिति में है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अमेरिकी लोग अभी भी इसका असर महसूस कर रहे हैं।

मार्को रूबियो ने कहा, “जाहिर है, हम अभी भी कुछ हद तक वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो सकते हैं। यह उन अमेरिकियों के लिए कोई अच्छी खबर नहीं है, जिन्हें पेट्रोल पंप पर ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।”

उन्होंने तर्क दिया कि यह स्थिति इस बात को साबित करती है कि वाशिंगटन ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए एक सीधा खतरा क्यों मानता है। रूबियो ने कहा, “अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते और वे स्ट्रेट को बंद करने का फैसला कर लेते, जिससे हमारी गैस की कीमतें बढ़कर 9 डॉलर या 8 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच जातीं, तो हम इसके बारे में कुछ भी नहीं कर पाते।”

रूबियो ने फिर से ईरान पर एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर स्थायी नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हम ऐसी दुनिया में नहीं रह सकते, जहां कोई देश यह तय कर ले कि अब अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर हमारा कब्जा है और अगर आप इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको हमें पैसे देने होंगे।”

विदेश मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान की हरकतों का जवाब न देना, दूसरी जगहों पर भी इसी तरह के बर्ताव को बढ़ावा दे सकता है। रूबियो का दावा है कि इन आर्थिक उपायों और समुद्री नाकेबंदी से ईरान को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, “सिर्फ इस नाकेबंदी की वजह से ही ईरान को हर दिन राजस्व में 50 करोड़ डॉलर तक का नुकसान हो रहा है।”

–आईएएनएस

डीसीएच/

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