वर्ल्ड बैंक के साथ अब टूरिज्म और डिजिटल हब पर भी साथ काम करेगा भारत

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एशविले, 2 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और वर्ल्ड बैंक ग्रुप ने अपनी साझेदारी को पारंपरिक कर्ज देने से आगे ले जाने पर चर्चा की। अब दोनों का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और प्राइवेट कैपिटल जुटाने पर ज्यादा रहेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जी20 वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नर्स की बैठक के दौरान एशविले में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की। बैठक के बाद जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत के साथ वर्ल्ड बैंक ग्रुप के लगातार जुड़ाव का स्वागत किया। उन्होंने 1.5 अरब…

एशविले, 2 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और वर्ल्ड बैंक ग्रुप ने अपनी साझेदारी को पारंपरिक कर्ज देने से आगे ले जाने पर चर्चा की। अब दोनों का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और प्राइवेट कैपिटल जुटाने पर ज्यादा रहेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जी20 वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नर्स की बैठक के दौरान एशविले में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की। बैठक के बाद जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक, वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत के साथ वर्ल्ड बैंक ग्रुप के लगातार जुड़ाव का स्वागत किया। उन्होंने 1.5 अरब डॉलर के डेवलपमेंट पॉलिसी फाइनेंसिंग को तेजी से प्रोसेस करने के लिए आभार जताया।

वित्त मंत्री ने इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईएफसी) के उस सहयोग का भी स्वागत किया, जो स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (एसआईडीबीआई) के जरिए एमएसएमई सेक्टर को दिया गया है। बयान में कहा गया कि यह मदद रिकॉर्ड समय में प्रोसेस की गई और इसका भारत के एमएसएमई सेक्टर पर सकारात्मक असर पड़ा है।

बैठक में भारत-वर्ल्ड बैंक ग्रुप पार्टनरशिप को मजबूत करने और फाइनेंसिंग टूल्स के ज्यादा इस्तेमाल पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने भारत में मल्टीलेटरल इन्वेस्टमेंट गारंटी एजेंसी (एमआईजीए) की बड़ी भूमिका पर बात की। इस प्रस्तावित सहयोग के तहत गारंटी के व्यवस्थित इस्तेमाल और ज्यादा प्राइवेट पूंजी जुटाकर देश के कॉर्पोरेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेक्टर-बेस्ड, प्रोग्रामेटिक अप्रोच पर भी विचार किया। इस तरह की व्यवस्था से साझेदारी का फोकस अलग-अलग प्रोजेक्ट से हटकर बड़े सेक्टर्स के प्रोग्राम पर होगा।

अजय बंगा ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए बड़े बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने भारत की विकास महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट करने के लिए वर्ल्ड बैंक ग्रुप के साधनों के ज्यादा इस्तेमाल के अवसरों पर भी बात की।

बातचीत में भारत में एमआईजीए के जुड़ाव को बढ़ाने और विदेश में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।

निर्मला सीतारमण ने भारत में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के साथ मिलकर ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर नॉलेज हब बनाने के भारत के काम का भी जिक्र किया। इस प्रस्तावित हब के जरिए कृषि समेत कई सेक्टर्स में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के तरीकों को तलाशा जाएगा। वित्त मंत्री ने इसके जल्द लॉन्च होने की उम्मीद जताई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए भारत-वर्ल्ड बैंक ग्रुप कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क के तहत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करने का प्रस्ताव रखा। यह पहल एक समन्वित मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) से पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट, आईएफसी से प्राइवेट सेक्टर निवेश और एमआईजीए से गारंटी को जोड़ा जाएगा।

दोनों पक्षों ने इस रिश्ते को पारंपरिक लेन-देन से हटाकर ग्लोबल नॉलेज, इनोवेशन और प्राइवेट कैपिटल जुटाने के रणनीतिक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने पर भी बात की, जहां भारत के बड़े पैमाने और क्षमता को वर्ल्ड बैंक की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जा सके।

–आईएएनएस

वीकेयू/एएस

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IANS Agency

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