भारतीय-अमेरिकी उद्यमी चाहते हैं लॉस एंजेलिस लैंडमार्क भारत को दिखाए: डॉ. काली चौधरी (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

Summary :

लॉस एंजेलिस, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर और उद्यमी डॉ. काली पी. चौधरी ने कहा है कि लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में लंबे समय से बंद पड़े ओशनवाइड प्लाजा डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने की उनकी इच्छा अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक के दिल में भारत का एक स्थायी प्रतीक बनाने की है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में चौधरी ने कहा कि वह चाहते हैं कि इस फिर से विकसित किए गए प्रोजेक्ट का नाम केपीसी स्क्वायर रखने की योजना बना रहे हैं। यह अमेरिका में मिले अवसरों और उनकी भारतीय जड़ों, दोनों को…

लॉस एंजेलिस, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर और उद्यमी डॉ. काली पी. चौधरी ने कहा है कि लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में लंबे समय से बंद पड़े ओशनवाइड प्लाजा डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने की उनकी इच्छा अमेरिका के सबसे बड़े शहरों में से एक के दिल में भारत का एक स्थायी प्रतीक बनाने की है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में चौधरी ने कहा कि वह चाहते हैं कि इस फिर से विकसित किए गए प्रोजेक्ट का नाम केपीसी स्क्वायर रखने की योजना बना रहे हैं। यह अमेरिका में मिले अवसरों और उनकी भारतीय जड़ों, दोनों को एक ट्रिब्यूट के तौर पर खड़ा होना चाहिए।

जब उनसे पूछा गया कि वह इस लैंडमार्क प्रॉपर्टी को क्यों खरीदना चाहते हैं, तो चौधरी ने जवाब दिया, “मुझे भारत का झंडा लगाना है। भगवान की कसम। आप वहां 300 साल तक रहेंगे। इसे केपीसी स्क्वायर कहते हैं और मैं भारत का झंडा लगाऊंगा।”

चौधरी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट कई सालों की कानूनी कार्रवाई और दर्जनों संभावित खरीदारों से कड़े मुकाबले के बाद उपलब्ध हुआ।

उन्होंने डाउनटाउन लॉस एंजिल्स में आईएएनएस को बताया, “मुझे पांच साल, दो महीने और 14 दिन लगे। और परसों, 90 केस लड़ने के बाद मैं कोर्ट में जीत गया। यह मेरी जीत नहीं, सभी भारतीयों की जीत है।”

चौधरी ने कहा कि यह विकास डाउनटाउन लॉस एंजिल्स के सेंटर में एक पूरे सिटी ब्लॉक में फैला हुआ है।

प्रोजेक्ट के लिए अपने विजन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें एक लैंडमार्क स्पायर और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर की तरह बॉल ड्रॉप के साथ एक सिग्नेचर न्यू ईयर ईव अट्रैक्शन शामिल होगा।

उन्होंने कहा, “यह एरिया भविष्य में एक स्पायर के डेवलपमेंट के लिए है। लेकिन यह उससे भी ऊंचा होगा। यह न्यूयॉर्क बॉल ड्रॉप जैसा एक बॉल ड्रॉप होगा। एक बार जब यह तैयार हो जाएगा, तो यह बहुत बढ़िया होगा और यह हमारे देश को दिखाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि कॉम्प्लेक्स में दुनिया के सबसे बड़े रैपराउंड एलईडी डिस्प्ले में से एक होगा। पूरे इंटरव्यू में चौधरी ने बार-बार कहा कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक कमर्शियल निवेश से कहीं ज्यादा है।

उन्होंने कहा, “हम पहली पीढ़ी के भारतीय हैं। हम यहां आए हैं। भगवान ने अच्छा किया है। यह देश हमारे साथ अच्छा रहा है। लेकिन हम अपनी जड़ों को नहीं भूल सकते। अगर मैं भारतीय होने के नाते इसे पूरा कर पाया, तो यह मेरे लिए अपने मूल देश पर सबसे बड़ा गर्व होगा। आखिर में, मैं भारतीय उपमहाद्वीप से हूं और मुझे यहीं कुछ करना अच्छा लगेगा।”

वैश्विक मंच पर भारत के आगे बढ़ने के बारे में बात करते हुए, चौधरी ने दुनिया भर के भारतीयों को प्रेरित करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।

उन्होंने कहा, “उन्होंने (पीएम मोदी ने) हमें गर्व महसूस कराया। उनके कार्यकाल में भारत बहुत, बहुत ऊंचाई पर पहुंचा है। और यह हम जैसे छोटे आदमी के लिए प्रेरणा है। हमें प्रधानमंत्री मोदी, उनकी लीडरशिप से प्रेरणा मिलती है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पीएम मोदी एक दिन इस पूरे हुए डेवलपमेंट का उद्घाटन करेंगे। भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर और उद्यमी डॉ. काली पी. चौधरी ने कहा, “मैं चाहता हूं कि वह इस बिल्डिंग का उद्घाटन करें। इसलिए वह हमारे नेता हैं और सभी भारतीयों के लिए रास्ता दिखाने वाले हैं।”

चौधरी ने भारत के लंबे समय के आर्थिक भविष्य पर भी भरोसा जताया और कहा, “भारत अगले 30 साल में (इकॉनमी में) नंबर दो पर होगा। और 30 साल बाद, भारत नंबर एक पर होगा। बेशक। लेकिन हम सभी को मिलकर काम करना होगा और अभी लंबा रास्ता तय करना है। हमें एकजुट होना चाहिए और सपने देखने चाहिए।”

अपनी पहचान के बारे में बताते हुए चौधरी ने कहा कि अमेरिका के प्रति उनकी वफादारी ने भारत के प्रति उनके लगाव को कम नहीं किया।

उन्होंने कहा, “मुझे अमेरिकी होने पर बहुत गर्व है। और मुझे लगता है कि मेरे पहले, मेरे बच्चे, मेरे पोते-पोतियां अमेरिकी हैं। इसलिए, सबसे पहली वफादारी अमेरिका के प्रति है। लेकिन मैं भारत को भी नहीं भूल सकता। आखिर में, भारत और अमेरिका को एक हो जाना चाहिए।”

स्वास्थ्य सुविधाओं और बिजनेस में आने से पहले ऑर्थोपेडिक सर्जन के तौर पर ट्रेनिंग लेने वाले चौधरी ने कहा कि वह केपीसी स्क्वायर को एक लेगेसी प्रोजेक्ट के तौर पर देखते हैं, जो उनकी व्यक्तिगत यात्रा और अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय की उम्मीदों, दोनों को दिखाता है।

कई साल पहले कंस्ट्रक्शन बंद होने के बाद से ओशनवाइड प्लाजा साइट अधूरी पड़ी है, जिससे यह डाउनटाउन लॉस एंजिल्स के सबसे खास रुके हुए डेवलपमेंट में से एक बन गया है। शहर के एंटरटेनमेंट और कन्वेंशन डिस्ट्रिक्ट के पास होने और 2028 ओलंपिक गेम्स से पहले सेंट्रल लॉस एंजिल्स के बड़े पुनर्विकास के लिए इसके महत्व की वजह से इसके भविष्य ने काफी ध्यान खींचा है।

भारतीय अमेरिकी यूएस में सबसे सफल इमिग्रेंट समुदायों में से हैं, जिनकी मेडिसिन, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, एकेडेमिया और एंटरप्रेन्योरशिप में मौजूदगी बढ़ रही है। उनके योगदान ने भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और लोगों के बीच के संबंधों को और मजबूत किया है, जो व्यापार, इनोवेशन, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग के जरिए और गहरे होते जा रहे हैं।

–आईएएनएस

केके/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.