ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से किया इनकार, बोला- सिर्फ मित्र देशों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हुआ

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तेहरान, 26 मार्च (आईएएनएस)। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मध्यस्थों के माध्यम से ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विभिन्न संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, जबकि पिछले महीने के अंत में देश पर अमेरिकी और इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से तेहरान ने वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं की है। उन्होंने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। अराघची ने कहा, “कुछ दिनों पहले से अमेरिकी पक्ष विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से अलग-अलग संदेश भेज रहा है। जब मित्र देशों के माध्यम से हमें…

तेहरान, 26 मार्च (आईएएनएस)। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मध्यस्थों के माध्यम से ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विभिन्न संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, जबकि पिछले महीने के अंत में देश पर अमेरिकी और इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से तेहरान ने वाशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं की है।

उन्होंने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की।

अराघची ने कहा, “कुछ दिनों पहले से अमेरिकी पक्ष विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से अलग-अलग संदेश भेज रहा है। जब मित्र देशों के माध्यम से हमें संदेश भेजे जाते हैं और हम जवाब में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं या आवश्यक चेतावनी जारी करते हैं तो इसे न तो बातचीत कहा जाता है और न ही संवाद। यह केवल हमारे मित्रों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान है, और हमने अपने सैद्धांतिक रुख को दोहराया है।”

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने आगे कहा कि कुछ संदेशों में ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने बुनियादी ढांचे पर हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी थी, जिसके कारण वाशिंगटन ने 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अपनी चेतावनी वापस ले ली।

अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, और इस बात पर जोर दिया, “हमने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की और हम इसे इस तरह से समाप्त करना चाहते हैं कि यह दोबारा न हो।”

उन्होंने कहा कि ईरान युद्धविराम नहीं चाहता, क्योंकि यह बातचीत, युद्ध और फिर से शांति के उसी “दुष्चक्र” की पुनरावृत्ति होगी, और इस बात पर जोर दिया कि हम इस युद्ध का अंत अपनी शर्तों पर चाहते हैं।

अरघची ने कहा कि ईरान की मौजूदा नीति प्रतिरोध जारी रखने और देश की रक्षा करने की है, और बातचीत करने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कहा कि इस जलमार्ग को ईरान और ओमान के प्रादेशिक जल का हिस्सा माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन के लिए नई व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है।

ईरानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता चाहता है।

इजरायल और यूएस ने 28 फरवरी को तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिनमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के साथ-साथ वरिष्ठ सैन्य कमांडर और नागरिक मारे गए।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी, और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण स्थापित कर इजरायल और अमेरिका से संबंधित या उनसे संबद्ध जहाजों को सुरक्षित मार्ग की अनुमति नहीं दी।

–आईएएनएस

डीकेपी/

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