ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बनी संवाद की संभावना, पर सीधी बातचीत से इनकार

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न्यूयॉर्क, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका एक बार फिर बातचीत के लिए तैयार नजर आ रहे हैं, हालांकि इस बार वे सीधे नहीं बल्कि दूरी बनाए रखते हुए और दूसरे स्तर के प्रतिनिधियों के जरिए संवाद कर सकते हैं। ईरान से एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है, जबकि अमेरिकी दल के शनिवार को वहां पहुंचने की उम्मीद है। ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से पिछले हफ्ते दोनों पक्षों के बीच दूसरे राउंड की वार्ता नहीं हो पाई। हालांकि, बाद में ईरान ने फिर से बातचीत आगे बढ़ाने की…

न्यूयॉर्क, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका एक बार फिर बातचीत के लिए तैयार नजर आ रहे हैं, हालांकि इस बार वे सीधे नहीं बल्कि दूरी बनाए रखते हुए और दूसरे स्तर के प्रतिनिधियों के जरिए संवाद कर सकते हैं। ईरान से एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है, जबकि अमेरिकी दल के शनिवार को वहां पहुंचने की उम्मीद है।

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से पिछले हफ्ते दोनों पक्षों के बीच दूसरे राउंड की वार्ता नहीं हो पाई। हालांकि, बाद में ईरान ने फिर से बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश की।

एक तरफ भीषण तनाव की वजह से तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है और दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान के पोर्ट को ब्लॉक कर दिया है।

वैसे तो दोनों पक्षों के बीच सीजफायर को लेकर हलचल देखने को मिल रही है, लेकिन इस बीच में अमेरिका ने ईरानी जहाजों पर हमला करके कब्जा कर लिया है। वहीं, तेहरान ने भी जहाजों पर हमला करके उन्हें कब्जा कर लिया है। ईरान ने जिन जहाजों पर कब्जा किया है, उनमें दुबई से भारत जा रहा एक जहाज भी शामिल है।

ईरान ने नाकाबंदी के दौरान अमेरिका के साथ बातचीत करने से मना कर दिया था, हालांकि सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे। ऐसा कहा जा रहा है कि यह पाकिस्तान, ओमान और रूस के साथ बातचीत के एक दौर का हिस्सा है।

दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और खास दूत स्टीव विटकॉफ भी इस्लामाबाद पहुंचेंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने उनके बीच सीधी मीटिंग से मना कर दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पर बघाई ने लिखा, “ईरान और अमेरिका के बीच कोई मीटिंग होने का प्लान नहीं है। ईरान के ऑब्जर्वेशन पाकिस्तान को बताए जाएंगे।”

इसका मतलब है कि अमेरिका के साथ सीधी बातचीत के बजाय, ईरान अपना पक्ष पाकिस्तान को बताएगा और दोनों पक्ष पाकिस्तानी बिचौलियों के जरिए बातचीत कर सकते हैं।

जेनेवा में दोनों पक्षों के बीच इनडायरेक्ट बातचीत हुई थी, जो फेल हो गई थी। जेनेवा में हुई इस इनडायरेक्ट बातचीत में ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने मध्यस्थता का काम किया था। इस बातचीत के दौरान अमेरिका की तरफ से कुशनर और विटकॉफ और ईरान की तरफ से अराघची जेनेवा में थे।

वर्तमान बातचीत के दौरान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ पाकिस्तान में मौजूद नहीं होंगे। 11 अप्रैल को पहले राउंड की बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टियों को लीड किया था।

हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने मीडिया को बताया कि ‘वेंस स्टैंडबाय पर हैं और अगर हमें लगा कि उनके समय का सही इस्तेमाल करना है तो वे पाकिस्तान भेजने को तैयार होंगे।’

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर लिखा, “मेरे दौरों का मकसद द्विपक्षीय मामलों पर अपने साझेदारों के साथ करीबी सहयोग करना और क्षेत्रीय विकास पर सलाह-मशविरा करना है।”

हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता लेविट ने मीडिया से कहा, “स्टीव और जेरेड ईरानियों की बात सुनने के लिए पाकिस्तान जाएंगे, जबकि राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, विदेश सचिव मार्को रुबियो अपडेट के लिए यहां अमेरिका में इंतजार करेंगे। हमने पिछले कुछ दिनों में ईरानी पक्ष से निश्चित रूप से कुछ प्रोग्रेस देखी है।”

–आईएएनएस

केके/वीसी

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