वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव को फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने घोषणा की कि प्रस्तावित हमलों को दो हफ्ते के लिए रोका जाएगा, बशर्ते ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर सहमत हो जाए। इस फैसले से दुनिया भर के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
यह निर्णय उस समय लिया गया, जब ट्रंप द्वारा तय की गई रात 8 बजे (ईएसटी) की समयसीमा में केवल 90 मिनट बाकी थे। इस दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता से पर्दे के पीछे बातचीत हुई।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को खोलने के लिए तैयार होता है, तो अमेरिका दो हफ्तों तक हमले रोक देगा। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के बाद एक तरह का “दोनों पक्षों का युद्धविराम” संभव हुआ है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पहले ही हासिल कर चुका है और ईरान के साथ लंबे समय की शांति के लिए एक समझौते की दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जिस पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। ट्रंप ने दावा किया कि पहले जिन मुद्दों पर विवाद था, उनमें से ज्यादातर पर सहमति बन चुकी है। दो हफ्तों का यह समय समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दिया गया है।
हालांकि यह युद्धविराम पूरी तरह पक्का नहीं है। ट्रंप ने साफ किया कि यह तभी लागू होगा जब ईरान तुरंत और सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमत होगा।
ईरान ने भी इस पर शुरुआती सहमति के संकेत दिए हैं। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी। उन्होंने कहा कि दो हफ्तों तक ईरान की सेना के साथ समन्वय बनाकर और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इस समुद्री रास्ते से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, इजरायल ने भी इस दो हफ्तों के विराम पर सहमति जताई है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस घोषणा से पहले हालात काफी तनावपूर्ण थे। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।”
होर्मुज स्ट्रेट इस पूरे संकट का केंद्र बना हुआ है। इसके बंद होने से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है और कीमतें बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र में बहरीन की अगुवाई में इस रास्ते को खोलने का प्रस्ताव लाया गया, लेकिन रूस और चीन ने उसे वीटो कर दिया।
व्हाइट हाउस ने कहा कि बातचीत जारी रह सकती है, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि “जब तक राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस की तरफ़ से कोई घोषणा नहीं की जाती, तब तक कुछ भी फाइनल नहीं है।
हालांकि घोषणा के बाद भी खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की खबरें आई हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि युद्धविराम कैसे लागू होगा। फिलहाल दो हफ्तों का यह समय बातचीत के लिए एक सीमित मौका देता है। अभी भी प्रतिबंधों, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
यह संघर्ष पिछले कुछ हफ्तों से जारी है, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है।
भारत के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह खाड़ी क्षेत्र से आने वाले तेल पर काफी निर्भर है। ऐसे में इस रास्ते में कोई भी रुकावट या तनाव भारत की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक हितों को सीधे प्रभावित कर सकता है।
–आईएएनएस
एएस/
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