हनोई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री (एमओएस) पबित्रा मार्गेरिटा ने गुरुवार को वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। एमओएस ने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने और उच्च-स्तरीय वादों को ठोस नतीजों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से मिले सहयोग का धन्यवाद किया।
बैठक के दौरान, मार्गेरिटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं और वियतनाम के राष्ट्रपति ‘तो लाम’ की भारत की सफल यात्रा का जिक्र किया। उस दौरे की वजह से दोनों देशों के संबंध ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी) के स्तर पर पहुंच गए।
मार्गेरिटा ने एक्स पोस्ट के जरिए बताया, “वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति ‘तो लाम’ की भारत की सफल राजकीय यात्रा और संबंधों को ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक ले जाने की बात की। उच्च-स्तरीय प्रतिबद्धताओं को ठोस नतीजों में कैसे बदला जाए, इस पर मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।”
मई में, नई दिल्ली में राष्ट्रपति ‘तो लाम’ के साथ बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत और वियतनाम के बीच संबंधों को ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक बढ़ा दिया गया है।
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद वियतनामी राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने वियतनाम को भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘विजन महासागर’ का एक “मुख्य स्तंभ” बताया था।
राष्ट्रपति ‘तो लाम’ ने भी भारत की प्रगति की सराहना की और इसे “दुनिया में विकास और इनोवेशन का केंद्र” बताया था, साथ ही कहा था कि भारत और वियतनाम अपने द्विपक्षीय संबंधों को बहुत महत्व देते हैं।
भारत और वियतनाम के बीच ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और आगे बढ़ाने के लिए मार्गेरिटा मंगलवार को हनोई पहुंचे।
बुधवार को, मार्गेरिटा ने हनोई में ‘इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम’ (आईटीईसी) और ‘इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस’ (आईसीसीआर) के पूर्व छात्रों से बातचीत की।
राज्य मंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, “यह देखकर खुशी हुई कि भारत की विकास साझेदारी और क्षमता-निर्माण पहल, बड़ी संख्या में वियतनामी अधिकारियों और विद्वानों की भागीदारी के माध्यम से जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव ला रही हैं। हमें और अधिक वियतनामी छात्रों का शिक्षा प्राप्ति के लिए भारत आने का इंतजार रहेगा।”
उन्होंने वियतनाम के टेक्सटाइल उद्योग के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और टेक्सटाइल और कपड़ों की वैल्यू चेन में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की।
मार्गेरिटा ने हनोई में वियतनाम के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह के समाधि स्थल पहुंच उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।
मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हनोई में राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके स्थायी योगदान और भारत-वियतनाम के बीच उन गहरे सभ्यतागत संबंधों को नमन किया, जिन्हें उनके नेतृत्व ने और मजबूत बनाया।”
–आईएएनएस
केआर/
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