सोल, 24 जून (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने 5,000 टन क्षमता वाले एक नए विध्वंसक युद्धपोत को अपनी नौसेना में शामिल किया है। देश के नेता किम जोंग-उन ने उम्मीद जताई है कि इससे नौसेना की लड़ाकू क्षमता “कल्पना से परे प्रशंसनीय” स्तर तक मजबूत होगी। राज्य मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।
किम जोंग-उन ने एक दिन पहले पश्चिमी बंदरगाह नामपो में “नए प्रकार के बहु-मिशन” विध्वंसक ‘चोए ह्योन’ के कमीशनिंग समारोह में यह बात कही। यह जानकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप ने दी।
यह समारोह ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया ने पिछले साल अप्रैल में इस युद्धपोत का अनावरण किया था, जिसका उद्देश्य देश की नौसैनिक शक्ति को बढ़ाना है। हाल के महीनों में कमीशनिंग से पहले चोए ह्योन से हथियार परीक्षण भी किए गए हैं।
अपने बधाई भाषण में किम ने कहा कि यह विध्वंसक “सबसे परिपूर्ण, जटिल संचालन और लड़ाकू क्षमता” से लैस है।
उन्होंने कहा, “हमारी नौसेना की लड़ाकू क्षमता कल्पना से परे प्रशंसनीय स्तर तक बढ़ेगी।”
उत्तर कोरियाई नौसेना की पहले कमजोर शाखा के रूप में रही छवि का जिक्र करते हुए किम ने कहा, “अब हालात स्पष्ट रूप से बदल गए हैं।”
किम ने इस विध्वंसक की तैनाती को “रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम” बताया और कहा कि इससे देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तथा परमाणु बलों के अधिक विविध और प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नौसेना अब “रणनीतिक साधनों से लैस एक पूर्ण सेवा” के रूप में उभर रही है, क्योंकि नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने का कार्यक्रम योजनानुसार आगे बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘चोए ह्योन’ को पश्चिमी सागर बेड़े में शामिल किया जाएगा, जहां वह पश्चिमी सागर की रक्षा और युद्ध को रोकने के “सम्मानजनक मिशन” को पूरा करेगा।
इस विध्वंसक का नाम चोए ह्योन के नाम पर रखा गया है, जो जापान विरोधी क्रांतिकारी योद्धा और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल-सुंग के करीबी सहयोगी थे। वह चोए रयोंग-हाए के पिता भी थे, जो देश की संसद की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं।
किम ने आगे नौसेना के विस्तार की योजनाओं का भी जिक्र किया और हर साल दो चोए ह्योन श्रेणी या उससे बड़े युद्धपोत बनाने का आह्वान किया। इसमें 10,000 टन क्षमता वाले क्रूजर भी शामिल होंगे, जो देश की पांच वर्षीय रक्षा विकास योजना का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, “चोए ह्योन के बाद हम जल्द ही ‘कांग कोन’ विध्वंसक को भी संचालन में लाएंगे। इसके बाद हम एक-एक कर 10,000 टन के रणनीतिक युद्धपोत लॉन्च करेंगे।” उन्होंने एस्कॉर्ट जहाजों और विशेष उद्देश्य वाले पोतों के निर्माण के साथ-साथ पानी के भीतर इस्तेमाल होने वाले हथियार प्रणालियों के विकास पर भी जोर दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह तैनाती दक्षिण कोरिया पर सैन्य दबाव बढ़ाने की प्योंगयांग की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के वरिष्ठ शोधकर्ता हांग मिन ने कहा कि यह कदम पीला सागर क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से हो सकता है, जहां दक्षिण कोरिया की सैन्य और वाणिज्यिक गतिविधियां केंद्रित हैं।
वहीं, कोरिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोरम के महासचिव शिन जोंग-वू ने कहा कि इस युद्धपोत के डिजाइन में पिछले साल लॉन्च के बाद बदलाव किए गए प्रतीत होते हैं।
उन्होंने कहा, “शुरुआत में इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए डिजाइन किया गया लगता था, लेकिन बाद में परीक्षण के दौरान दिखे छोटे वर्टिकल लॉन्च सिस्टम से संकेत मिलता है कि इसमें क्रूज मिसाइलें हो सकती हैं।”
हालांकि उत्तर कोरिया ने इस जहाज को स्वदेशी तकनीक से निर्मित बताया है, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें रूस की सहायता हो सकती है, क्योंकि इसका क्लोज-इन वेपन सिस्टम रूस के पैंत्सिर-एमई नौसैनिक वायु रक्षा प्रणाली से मिलता-जुलता है।
–आईएएनएस
केआर/
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