प्रायद्वीप में टकराव नहीं, मजबूत सैन्य प्रतिरोधक क्षमता के साथ संवाद जरूरी: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली

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सोल, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मंगलवार को कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया के साथ टकराव बढ़ाने के बजाय मजबूत सैन्य प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर संवाद और विश्वास के जरिए कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में प्रयास जारी रखेगा। योनहाप ने बताया कि ली ने यह बात सोल डिफेंस डायलॉग (एसडीडी) के उद्घाटन समारोह के लिए भेजे वीडियो संदेश में कही। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया का लक्ष्य उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और साझा समृद्धि हासिल करना है और इसके लिए संवाद का रास्ता खुला रखना…

सोल, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मंगलवार को कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया के साथ टकराव बढ़ाने के बजाय मजबूत सैन्य प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर संवाद और विश्वास के जरिए कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में प्रयास जारी रखेगा।

योनहाप ने बताया कि ली ने यह बात सोल डिफेंस डायलॉग (एसडीडी) के उद्घाटन समारोह के लिए भेजे वीडियो संदेश में कही। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया का लक्ष्य उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और साझा समृद्धि हासिल करना है और इसके लिए संवाद का रास्ता खुला रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया अपनी स्वतंत्र रक्षा क्षमताओं को मजबूत करते हुए आपसी सम्मान और सहयोग के आधार पर शांति और समृद्धि के लिए संवाद का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

राष्ट्रपति ली ने मौजूदा वैश्विक सुरक्षा वातावरण को बेहद जटिल बताते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में टकराव और सशस्त्र संघर्ष जारी हैं। उन्होंने परमाणु अप्रसार की उस वैश्विक व्यवस्था के कमजोर पड़ने पर भी चिंता जताई, जिसने दशकों तक अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को सहारा दिया है।

उन्होंने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी तेजी से विकसित हो रही तकनीकें भी नए और अप्रत्याशित सुरक्षा खतरे पैदा कर रही हैं। ऐसे खतरों से निपटने के लिए किसी एक देश की क्षमता पर्याप्त नहीं होगी।”

ली ने सुरक्षा सहयोग के लिए एक नए मॉडल की जरूरत बताई, जिसमें मजबूत प्रतिरोधक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय नियमों और साझा लचीलेपन को आधार बनाया जाए।

ली की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिशों को समर्थन दे रहा है।

दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने भी मंगलवार को कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच संवाद फिर शुरू होने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई सेना इस कूटनीतिक प्रयास को अपनी मजबूत सैन्य क्षमता के साथ समर्थन देगी।

दक्षिण कोरिया ने हाल के महीनों में उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 2 सितंबर को, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति व्यवस्था स्थापित करने के अपने संकल्प को दोहराया था। साथ ही, उन्होंने शांति कायम करने के लिए उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू करने में मदद करने का भी वादा किया थी।

राष्ट्रपति ने सोल के पश्चिम में इंचियोन में ‘पीसफुल यूनिफिकेशन एडवाइजरी काउंसिल’ (एकीकरण पर राष्ट्रपति की सलाहकार संस्था) की अमेरिकी इकाई की बैठक के दौरान यह संकल्प दोहराया था।

15 अगस्त को ‘लिबरेशन डे’ (आजादी दिवस) पर अपने भाषण में, ली ने प्रस्ताव दिया था कि दोनों कोरियाई देश अपने लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने और प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के व्यावहारिक तरीकों पर बातचीत शुरू करें। उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व्यवस्था स्थापित करने का वादा भी किया था।

तकनीकी रूप से, दोनों कोरियाई देश अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं, क्योंकि 1950-53 का कोरियाई युद्ध किसी शांति संधि के बजाय केवल युद्धविराम (आर्मिस्टिस) के साथ समाप्त हुआ था।

ली ने तब बैठक में कहा, “घरेलू राजनीति में बदलाव या अंतरराष्ट्रीय हालात में बदलाव के कारण तनाव को फिर से बढ़ने से रोकने के लिए, हमें संघर्ष और टकराव पर आधारित युद्धविराम की जगह सहयोग और समृद्धि पर आधारित शांति व्यवस्था लानी चाहिए।”

राष्ट्रपति ने कहा था कि दोनों कोरियाई देश अनावश्यक टकराव में अपनी ऊर्जा बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक “दुर्भाग्यपूर्ण” और “दुखद” सच्चाई बताया जिसे बदला जाना चाहिए।

उन्होंने उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए अपने तीन-सूत्रीय कार्य-योजना को दोहराया, जिसे उन्होंने ‘लिबरेशन डे’ के भाषण में पेश किया था। इस योजना में समावेशी, स्थिर और जिम्मेदार दृष्टिकोण शामिल हैं।

ली ने कहा, “समावेशी शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए, (दक्षिण और उत्तर कोरिया को) एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। शांति तब शुरू होती है जब वे एक-दूसरे के मतभेदों का सम्मान करते हैं, न कि तब जब सभी एक जैसा सोचते हैं।”

ली ने जोर दिया कि उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता सोल को ही बनाना चाहिए, क्योंकि उनकी सरकार अंतर-कोरियाई संबंधों में लंबे समय से चली आ रही दरार को ठीक करने के लिए प्योंगयांग के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों को नया आयाम देना चाहती है।

–आईएएनएस

केआर/

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IANS Agency

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