अप्रैल में पश्चिम एशिया के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

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संयुक्त राष्ट्र, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के स्थायी प्रतिनिधि और इस महीने के लिए परिषद के अध्यक्ष जमाल फारेस अलरोवाई ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) अप्रैल में पश्चिम एशिया संघर्ष पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें ईरान, लेबनान, गाजा और वेस्ट बैंक से जुड़े मुद्दे शामिल होंगे। जमाल फारेस अलरोवाई ने सुरक्षा परिषद के अप्रैल के कार्यक्रम पर दैनिक ब्रीफिंग में कहा कि परिषद में बहरीन की सदस्यता चार मुख्य प्राथमिकताओं पर आधारित है, जिसमें शांति और स्थिरता को मजबूत करना, पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों का समाधान करना, समावेशन और भागीदारी सुनिश्चित करना व…

संयुक्त राष्ट्र, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के स्थायी प्रतिनिधि और इस महीने के लिए परिषद के अध्यक्ष जमाल फारेस अलरोवाई ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) अप्रैल में पश्चिम एशिया संघर्ष पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें ईरान, लेबनान, गाजा और वेस्ट बैंक से जुड़े मुद्दे शामिल होंगे।

जमाल फारेस अलरोवाई ने सुरक्षा परिषद के अप्रैल के कार्यक्रम पर दैनिक ब्रीफिंग में कहा कि परिषद में बहरीन की सदस्यता चार मुख्य प्राथमिकताओं पर आधारित है, जिसमें शांति और स्थिरता को मजबूत करना, पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों का समाधान करना, समावेशन और भागीदारी सुनिश्चित करना व बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ये प्राथमिकताएं परिषद के कार्य कार्यक्रम में और उससे आगे भी शामिल हैं।

अलरोवाई के अनुसार, इस महीने के लिए अध्यक्षता की प्राथमिकता मौजूदा क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय माहौल को संबोधित करना होगा, जिसमें ईरान, फिलिस्तीन, लेबनान और अन्य मुद्दों से संबंधित मामले शामिल हैं।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूएनएससी ने उन घटनाओं की भी निंदा की, जिनमें रविवार और सोमवार को लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के तीन इंडोनेशियाई शांति सैनिकों की मौत हो गई थी।

एक प्रेस बयान में सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने यूएनआईएफआईएल के प्रति अपने पूर्ण समर्थन की पुष्टि की और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इसके कर्मियों और परिसरों की सुरक्षा और संरक्षा व मिशन की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने पक्षों से ऐसे कार्यों से दूर रहने का भी आह्वान किया जो शांति सैनिकों को खतरे में डाल सकते हैं।

यह याद दिलाते हुए कि शांति सैनिकों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से यूएनआईएफआईएल के माध्यम से इन घटनाओं की जांच करने और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों 2518 (2020) और 2589 (2021) के उद्देश्यों के अनुरूप, संबंधित सैनिक-योगदानकर्ता देश को प्रगति से अवगत कराते रहने का आह्वान किया।

उन्होंने पक्षों से सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 (2006) को पूरी तरह से लागू करने का भी आह्वान किया और लेबनान की संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और एकता के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।

रविवार और सोमवार को पांच अन्य शांति सैनिक घायल हो गए थे। बयान के अनुसार, हाल के हफ्तों में ब्लू लाइन के आसपास जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में कई अन्य घटनाओं ने यूएनआईएफआईएल के ठिकानों को प्रभावित किया है और शांति सैनिकों को घायल किया है।

–आईएएनएस

डीसीएच/

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