अमेरिकी सेना ने ईरानी झंडे वाले बिना माल वाले तेल टैंकर पर किया हमला

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वाशिंगटन, 7 मई (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच एक तरफ कूटनीतिक पहल जारी है, तो दूसरी तरफ हमले भी देखने को मिल रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है कि अमेरिका की सेना ने ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे एक ईरानी झंडे वाले बिना माल वाले तेल टैंकर पर हमला करके उसे निष्क्रिय कर दिया। कमांड ने एक बयान में कहा कि यह हमला बुधवार को अमेरिकी ईस्टर्न टाइम के हिसाब से सुबह 9 बजे हुआ, जब टारगेट किया गया जहाज, हस्ना, ओमान की खाड़ी में एक ईरानी पोर्ट के…

वाशिंगटन, 7 मई (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच एक तरफ कूटनीतिक पहल जारी है, तो दूसरी तरफ हमले भी देखने को मिल रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है कि अमेरिका की सेना ने ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे एक ईरानी झंडे वाले बिना माल वाले तेल टैंकर पर हमला करके उसे निष्क्रिय कर दिया।

कमांड ने एक बयान में कहा कि यह हमला बुधवार को अमेरिकी ईस्टर्न टाइम के हिसाब से सुबह 9 बजे हुआ, जब टारगेट किया गया जहाज, हस्ना, ओमान की खाड़ी में एक ईरानी पोर्ट के रास्ते अंतरराष्ट्रीय पानी में जा रहा था।

बयान में कहा गया, “जब हस्ना के क्रू ने बार-बार दी गई चेतावनी को नहीं माना, तो अमेरिकी सेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन (सीवीएन 72) से लॉन्च किए गए अमेरिकी नौसेना के एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट की 20एमएम कैनन गन से कई राउंड फायर करके टैंकर के रडर को नष्ट कर दिया।”

इसमें आगे कहा गया कि हस्ना अब ईरान नहीं जा रहा है। कमांड ने कहा कि ईरानी पोर्ट में आने या जाने की कोशिश कर रहे जहाजों के खिलाफ अमेरिका की नाकाबंदी पूरी तरह से लागू है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एक दिन पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ऐलान किया कि उन्होंने पेंटागन के कमर्शियल जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकालने के मिशन को रोक दिया है, जबकि ईरानी पोर्ट्स पर अपनी नाकाबंदी पूरी ताकत और असर में जारी रखी है।

इस बीच, ट्रंप ने दावा किया है कि लड़ाई के दौरान ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा, “उनके पास 159 जहाजों वाली नेवी थी, और अब हर जहाज टुकड़े-टुकड़े हो गया है और पानी में डूबा हुआ है। अमेरिकी सेना के पास एक एयर फोर्स थी, बहुत सारे प्लेन थे और उनके पास कोई प्लेन नहीं है।”

उन्होंने आगे दावा किया कि ईरान के एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम, रडार कैपेबिलिटी और मिसाइल स्टॉकपाइल “ज्यादातर खत्म हो गए हैं।”

अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान एक छोटे मेमोरेंडम पर समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, जिसका मकसद युद्ध खत्म करना है। उम्मीद है कि तेहरान मीडिएटर्स को अपना जवाब सौंप देगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ अमेरिका की बहुत अच्छी बातचीत हुई है। लेकिन उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर ईरान डील के लिए राजी नहीं होता है तो वह बमबारी फिर से शुरू कर देंगे।

इस बीच ईरान में लोग एक बार फिर से सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार रात तेहरान में भीड़ जमा हुई, झंडे लहराए और देश के नेतृत्व के सपोर्ट में एक रैली के दौरान इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाए।

सड़कों पर म्यूजिक और गाने गूंज रहे थे, ईरानी लोग फोन की लाइटें लहरा रहे थे, हवा में मुट्ठियां लहरा रहे थे और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरें लिए हुए थे।

रैली में मौजूद ईरानी महिला नाहल रहमतपुर ने कहा, “जब तक हमारे लीडर नहीं कहेंगे, हम यहां हैं और हम आर्म्ड फोर्सेज की रक्षा करेंगे।”

रहमतपुर और इवेंट में मौजूद दूसरे लोगों ने सवाल किया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर और हमले करेंगे, जबकि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।

रहमतपुर ने कहा, “मेरी राय में, ट्रंप में (फिर से हमला करने की) हिम्मत नहीं है, क्योंकि हम खुद एक सुपरपावर हैं और मुझे नहीं लगता कि वे हम पर और हमला करेंगे।”

–आईएएनएस

केके/पीएम

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