वॉशिंगटन, 1 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में नया बॉलरूम बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले को ट्रंप के लिए एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है, क्योंकि यह प्रोजेक्ट काफी विवादों में रहा है।
5-4 के मत से दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों के उन आदेशों पर रोक लगा दी, जिनके कारण परियोजना के जमीन के ऊपर बनने वाले हिस्से का निर्माण रुक सकता था। दिलचस्प बात यह है कि मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अदालत के तीन लिबरल न्यायाधीशों के साथ असहमति जताई।
यह फैसला उस समय आया है जब सात अगस्त को वॉशिंगटन की एक संघीय अपील अदालत ने कहा था कि ट्रंप व्हाइट हाउस में लगभग 40 करोड़ डॉलर की लागत वाला विशाल बॉलरूम बनाने का काम कानूनी अधिकार के बिना कर रहे हैं।
इस मामले में नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन नामक संस्था ने मुकदमा दायर किया था। संस्था का कहना था कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना राष्ट्रपति को इस निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का अधिकार नहीं है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले में परियोजना की कानूनी वैधता पर अंतिम फैसला नहीं दिया गया है। अदालत ने कहा कि फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ऐसा लगता है कि सरकार यह साबित कर सकती है कि इस संस्था को संघीय अदालत में इस परियोजना को चुनौती देने का कानूनी आधार नहीं है। साथ ही, अन्य कानूनी पहलू भी सरकार के पक्ष में दिखाई देते हैं।
अदालत के अनुसार, किसी भी संस्था या व्यक्ति को संघीय अदालत में मुकदमा दायर करने के लिए यह दिखाना होता है कि उसे वास्तव में कोई कानूनी नुकसान या प्रभावित होने की स्थिति हुई है।
व्हाइट हाउस ने इस बॉलरूम परियोजना की घोषणा जुलाई 2025 के अंत में की थी। इसके लिए अक्टूबर 2025 में ईस्ट विंग के एक हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया था ताकि नई इमारत के लिए जगह बनाई जा सके।
करीब 90 हजार वर्ग फुट में बनने वाला यह बॉलरूम लगभग एक हजार मेहमानों को एक साथ समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
हाल ही में अदालत में दायर दस्तावेजों में ट्रंप प्रशासन ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परियोजना पर करीब 250 कर्मचारियों की टीम काम कर रही है, जो सप्ताह के सातों दिन लगभग 20 घंटे तक निर्माण कार्य में लगी हुई है।
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीक्रेट सर्विस का फंड पहले ही आवंटित किया जा चुका है। इससे व्हाइट हाउस के उस दावे पर शक पैदा होता है कि प्रोजेक्ट का खर्च पूरी तरह से निजी चंदे से उठाया जाएगा।
–आईएएनएस
एवाई/एएस
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