वॉशिंगटन, 22 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने घोषणा की है कि क्लिवलैंड-क्लिफ्स कंपनी ओहियो के मिडलटाउन स्थित अपने स्टील उत्पादन केंद्र में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी। उन्होंने इस परियोजना को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हो रहे व्यापक सुधार का उदाहरण बताया।
अपने गृह नगर के मिडलटाउन वर्क्स संयंत्र में बोलते हुए वेंस ने कहा कि यह निवेश प्लांट को आधुनिक बनाएगा, मौजूदा नौकरियों की सुरक्षा करेगा और नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
वेंस ने कहा, “हम आज यह घोषणा करने के लिए यहां हैं कि क्लिवलैंड-क्लिफ्स मिडलटाउन, ओहियो में हमारे अपने शहर में बदलाव लाने वाली मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक अरब डॉलर का निवेश कर रही है।”
उन्होंने कहा कि कंपनी अपने आयरन बनाने वाले फर्नेस को अपग्रेड करेगी और संचालन को बेहतर बनाने के साथ-साथ क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई तकनीक लाएगी।
वेंस ने कहा, “हम फर्नेस के संचालन को बेहतर बनाने और मिडलटाउन की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अत्याधुनिक नई तकनीक लागू करने जा रहे हैं।”
उपराष्ट्रपति ने इस परियोजना को ट्रंप प्रशासन की व्यापार, ऊर्जा और आव्रजन नीतियों से जोड़ा। उनका कहना था कि कई दशकों तक अमेरिका ने विनिर्माण उद्योग को ऐसे देशों में जाने दिया जहां सस्ता श्रम उपलब्ध था और श्रमिकों को कम सुविधाएं मिलती थीं।
वेंस ने कहा कि मिडलटाउन ने भी इसका असर देखा, जब कारखाने बंद हुए या उनका उत्पादन चीन और मेक्सिको जैसे देशों में स्थानांतरित कर दिया गया।
वेंस ने कहा कि टैरिफ और अवैध आव्रजन पर नियंत्रण, प्रशासन की उस रणनीति का अहम हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत बनाना और नौकरियों में अमेरिकी कामगारों को प्राथमिकता देना है।
उन्होंने कहा कि हमने अमेरिकी कंपनियों से कहा कि अगर उन्हें नए कर्मचारी चाहिए, तो सबसे पहले उन्हें अपने ही देशवासियों को प्रशिक्षण देकर नौकरी देनी चाहिए।
वेंस के अनुसार, ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से फैक्ट्री निर्माण क्षेत्र में 83,000 नई नौकरियां जुड़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि धातु काटने वाली मशीनों और संबंधित मशीन टूल्स की मांग पिछले 100 वर्षों में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि 2026 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र में 2,29,000 नौकरियां पैदा हुईं, जबकि इस क्षेत्र के कर्मचारियों की औसत मजदूरी में साल-दर-साल 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ये आंकड़े वेंस ने अपने भाषण के दौरान पेश किए, हालांकि उपलब्ध सामग्री में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र डेटा शामिल नहीं था।
उपराष्ट्रपति ने विदेशी श्रमिकों के रोजगार के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कुछ कंपनियों पर आरोप लगाया कि वे वेतन कम रखने के लिए विदेशों के श्रमिकों का इस्तेमाल करती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसी कंपनियों पर टैरिफ लगाने के लिए तैयार है, जो अमेरिका के बाहर उत्पादन करती हैं और फिर अपने उत्पाद अमेरिकी बाजार में बेचती हैं।
वेंस ने क्लिवलैंड-क्लिफ्स की इस परियोजना को औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने की कोशिश बताया।
उन्होंने कहा कि वामपंथी अक्सर कहते हैं कि उद्योग और स्वच्छ हवा-पानी दोनों साथ नहीं हो सकते। लेकिन हम इस संयंत्र में दिखाएंगे कि दोनों चीजें एक साथ संभव हैं।
–आईएएनएस
एवाई/एएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



