प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सोशल मीडिया में बहुत ताकत है और वह सुशासन के हथियार के रूप में इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं।
श्री मोदी ने यहाँ ब्लूम्बर्ग ग्लोबल बिजनेस समिट में सोशल मीडिया के बारे में पूछे गये एक प्रशन के उत्तर में कहा कि सुशासन के लिए दूर-दराज के इलाकों से जो सूचना आती है उसके लिए सोशल मीडिया काफी मजबूत नेटवर्क साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘मैं सोशल मीडिया का सुशासन के हथियार के रूप में उपयोग करने के पक्ष में हूँ।’’ प्रधानमंत्री ने हालाँकि फेक न्यूज पर चिंता जताते हुये कहा कि कोई ऐसी प्रौद्योगिकी लानी होगी जिससे फेक न्यूज की पहचान हो सके। उन्होंने फेक न्यूज का पर्दाफाश करने के लिए कुछ टेलीविजन चैनलों द्वारा 15-20 मिनट के कार्यक्रम चलाने की तारीफ भी की।
श्री मोदी ने एयर इंडिया के विमान का आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर उसे कंधार ले जाने की घटना का जिक्र करते हुये कहा कि उस समय इलेक्ट्रॉनिक चैनल नये-नये आये थे। उन्होंने अपहृत विमान में मौजूद यात्रियों की तकलीफों को इस प्रकार दिखाया जिससे आतंकवादियों का हौसला और बढ़ गया और उन्हें लगा कि भारत सरकार उनके दबाव में आ जायेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने स्वयं बैठक कर अपनी गलतियों को पहचाना था और उन्हें न दुहराने पर सहमत हुये थे। प्रतिस्पर्द्धा के कारण वे चीजें फिर से समाप्त हो गयी हैं। अब जल्दी, गर्मागरम और तिखी न्यूज देना उनकी प्राथमिकता बन गयी है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में सोशल मीडिया में काफी संभावना है, लेकिन कुछ लोग संगठित रूप से फेक न्यूज फैलाने में लगे हुये हैं।


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