आईडीएफ का दावा, ‘दक्षिण लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू किया’

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तेल अवीव, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायली सेना ने सोमवार को दावा किया कि उसने दक्षिण लेबनान के बिंत जबील इलाके में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेस) के अनुसार खास टारगेट्स पर हमला किया जा रहा है। एक्स पर आईडीएफ ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारे सैनिकों ने हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा लड़ाकों को खत्म कर दिया है और दर्जनों ठिकानों को तबाह कर दिया है। ऑपरेशन के दौरान विभिन्न इलाकों से सैकड़ों हथियार बरामद किए गए हैं। पहले एयर स्ट्राइक और अब जमीनी हमलों से स्पष्ट हो रहा है कि इजरायल किसी…

तेल अवीव, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायली सेना ने सोमवार को दावा किया कि उसने दक्षिण लेबनान के बिंत जबील इलाके में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेस) के अनुसार खास टारगेट्स पर हमला किया जा रहा है।

एक्स पर आईडीएफ ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारे सैनिकों ने हिज्बुल्लाह के 100 से ज्यादा लड़ाकों को खत्म कर दिया है और दर्जनों ठिकानों को तबाह कर दिया है। ऑपरेशन के दौरान विभिन्न इलाकों से सैकड़ों हथियार बरामद किए गए हैं।

पहले एयर स्ट्राइक और अब जमीनी हमलों से स्पष्ट हो रहा है कि इजरायल किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है और यूएस-ईरान के अस्थायी संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने पर राजी नहीं है।

ईरान बार-बार कहता रहा है कि उसकी डील में लेबनान भी शामिल था, हालांकि इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से इनकार करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि “लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है” और इजरायल “हिज्बुल्लाह के खिलाफ पूरी ताकत से हमला जारी रखेगा”। अमेरिका का भी रवैया ऐसा ही रहा है।

2 मार्च को ईरान पर हमले के खिलाफ हिज्बुल्लाह ने इजरायल को टारगेट करना शुरू किया, जिसके बाद से ही तेल अवीव ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी। वहीं, जिस दिन यूएस-ईरान सीजफायर का ऐलान किया गया, ठीक उसी दिन इजरायल ने ‘सरप्राइज अटैक’ किया, और इस हमले में एक ही दिन में 254 लोगों की मौत हो गई।

इस बीच, इजरायल में कराया गया एक सर्वे भी चर्चा में है। इसे ‘हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ यरूशलम’ ने कराया है, जिसमें आंकड़ों के जरिए दावा किया गया है कि ज्यादातर यहूदी सीजफायर के विरोध में हैं। इसके नतीजे बताते हैं कि करीब दो-तिहाई (66 फीसदी) इजरायली संघर्ष विराम के पक्षधर नहीं हैं।

सर्वे की दूसरी अहम बात अस्थायी संघर्षविराम के दौरान हमले को लेकर पूछी गई। लोग इस बात पर बंटे दिखे कि इजरायल को दो हफ्ते के सीजफायर का पालन करना चाहिए या ईरान पर हमले फिर से शुरू कर देने चाहिए। वहीं, करीब 39 फीसदी लोगों ने माना कि इजरायल को ईरान पर हमले जारी रखने चाहिए, जबकि 41 फीसदी ने कहा कि देश को सीजफायर का सम्मान करना चाहिए।

–आईएएनएस

केआर/

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